मांगों गांव के इतिहास में पहली बार मुस्कान ने किया मैट्रिक उत्तीर्ण

प्रखंड मुख्यालय स्थित मांगो गांव के इतिहास में पहली बार किसी ने मैट्रिक परीक्षा पास की है.

बरहट. प्रखंड मुख्यालय स्थित मांगो गांव के इतिहास में पहली बार किसी ने मैट्रिक परीक्षा पास की है. जी हां, हम बात कर रहे हैं इस गांव की मुसहरी टोला की बेटी मुस्कान कुमारी की, जिसने वर्ष 2026 की मैट्रिक परीक्षा में 257 अंक लाकर गांव में इतिहास रच दिया है. करीब 30 घरों और 200 से अधिक आबादी वाले इस गांव में आजादी के बाद आज तक भी कोई भी बच्चा मैट्रिक पास नहीं कर पाया था. ऐसे में मुस्कान की सफलता पूरे गांव के लिए एक नयी शुरुआत और उम्मीद की किरण बनकर सामने आयी है.

गरीबी से जूझते हुए छोड़ी थी पढ़ाई

मुस्कान का जीवन शुरू से ही संघर्षों से भरा रहा. उसके पिता महावीर मांझी ईंट-भट्ठा पर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. आर्थिक तंगी के कारण मुस्कान को कक्षा पांच के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी और करीब तीन वर्षों तक वह स्कूल से दूर रही. इस दौरान वह अपनी मां के साथ जंगल से लकड़ी लाने, खेतों में मजदूरी करने और घर के कामों में हाथ बंटाती थी.

समग्र सेवा संस्था ने दिया सहारा

इसी दौरान समग्र सेवा की साथी मुन्नी कुमारी की नजर मुस्कान पर पड़ी. उसने मुस्कान की पढ़ाई की ललक को पहचाना और उसे दोबारा शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया. मुस्कान को सामुदायिक सांस्कृतिक शिक्षण केंद्र से जोड़ा गया और कक्षा छह में पुनः नामांकन कराया गया. संस्था की ओर से किताबें, कॉपियां और मार्गदर्शन मिलने से उसमें फिर से पढ़ने की रुचि जगी.

मेहनत रंग लायी, लिख दिया इतिहास

मुस्कान की मेहनत और लगन का परिणाम मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट में सामने आया, जब उसने 257 अंक हासिल कर न सिर्फ परीक्षा उत्तीर्ण की, बल्कि गांव के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया. उसकी सफलता से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है.

बिहार पुलिस में सेवा का सपना

मुस्कान आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए बिहार पुलिस में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहती है. वह चाहती है कि उसके गांव के अन्य बच्चे भी शिक्षा के महत्व को समझें और आगे बढ़ें.

गांव के लिए बनी प्रेरणा

मुस्कान की सफलता अब पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गयी है. जहां पहले शिक्षा के प्रति जागरूकता की कमी थी, वहां अब लोग अपने बच्चों, खासकर बेटियों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित हो रहे हैं.

मुखिया ने की सराहना

पंचायत की मुखिया जितनी देवी ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का असर अब दिखने लगा है और मांझी समुदाय भी धीरे-धीरे शिक्षा से जुड़ रहा है. उन्होंने मुस्कान की सफलता को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है, हालांकि अभी भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

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By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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