लूटकांड से चिकित्सक परिवार स्तब्ध, मामले के उद्भेदन में पुलिस अबतक विफल

थाने से महज कुछ दूरी पर स्थित पूर्व सिविल सर्जन डॉ विजयेंद्र सत्यार्थी के आवास पर हथियारबंद अपराधियों की गयी लूटपाट की वारदात से चिकित्सक परिवार गहरे सदमे में है.

गिद्धौर . थाने से महज कुछ दूरी पर स्थित पूर्व सिविल सर्जन डॉ विजयेंद्र सत्यार्थी के आवास पर हथियारबंद अपराधियों की गयी लूटपाट की वारदात से चिकित्सक परिवार गहरे सदमे में है. घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड का उद्भेदन करने में पुलिस विफल है. जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार अहले सुबह हथियारबंद अपराधियों ने पूर्व सीएस डॉ विजयेंद्र सत्यार्थी के आवास पर धावा बोला और पूरे परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की. अपराधियों ने डॉ विजयेंद्र सत्यार्थी, उनकी पत्नी पुष्पम सिन्हा, पुत्र डॉ विक्रम सत्यार्थी को बेहोशी का इंजेक्शन देकर घटना को अंजाम दिया और फरार हो गये. हैरानी की बात यह रही कि घर के ठीक सामने स्थित थाना परिसर में उपस्थित पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों को लूट की भनक तक नहीं लगी.

थाने के मुख्य द्वार का कैमरा महीनों से खराब

थाना के मुख्य द्वार पर लाखों रुपये की लागत से लगाया गया हाई रिजॉल्यूशन मूविंग सीसीटीवी कैमरा कई महीनों से खराब पड़ा है. यह कैमरा पूर्व सीएस के आवास से करीब पांच सौ मीटर तक की गतिविधियों को कैद करने में सक्षम है. यदि घटना के समय कैमरा चालू होता, तो अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में पुलिस को बड़ी मदद मिल सकती थी. कैमरे का बंद होना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है.

पुलिस का दावा- जल्द होगा खुलासा

पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि मामले में पुलिसिया अनुसंधान जारी है. एक विशेष टीम का गठन कर अपराधियों की पहचान की जा रही है. आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही लूटकांड का खुलासा कर लिया जायेगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Pankaj kumar singh

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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