जमुई. व्यवहार न्यायालय परिसर में चल रहे उत्पाद न्यायालय व अधिवक्ता भवन निर्माण कार्य का शनिवार को इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी ने निरीक्षण किया. इसका उद्देश्य निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करना तथा गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा कराने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देना था. निरीक्षण दल का नेतृत्व इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सत्यनारायण शिवहरे ने किया. उनके साथ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) दिलीप कुमार राय एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अतुल रतन भी मौजूद रहे. इस दौरान निर्माण एजेंसी के अभियंता, संवेदक एवं न्यायालय के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे. निरीक्षण के दौरान न्यायिक पदाधिकारियों ने निर्माण स्थल का बारीकी से जायजा लिया और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया. जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम ने स्पष्ट कहा कि मानकों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा. वहीं सीजेएम दिलीप कुमार राय ने निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. कमेटी ने नये भवनों में हवा, रोशनी, शुद्ध पेयजल और प्रसाधन जैसी बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. न्यायिक अधिकारियों ने उम्मीद जतायी कि भवन निर्माण पूरा होने से उत्पाद मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी तथा अधिवक्ताओं को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध होगा.
निर्माण कार्य में गुणवत्ता व समय सीमा का रखें ध्यान
इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी ने उत्पाद न्यायालय व अधिवक्ता भवन निर्माण कार्य की प्रगति परखी
