जमुई विवाद के बाद पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, महिला कोऑर्डिनेटर खुशबू पांडेय समेत 10 गिरफ्तार

Jamui Violence: रविवार को जमुई जिले के बलियाडीह गांव में हिन्दू स्वाभिमान संगठन के काफिले पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमला किया गया, जिसके बाद तनाव उत्पन्न हो गया. पुलिस ने मौके पर धारा 144 लागू की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फ्लैग मार्च किया.

By Anshuman Parashar | February 18, 2025 9:14 PM

Jamui Violence: रविवार की देर शाम जमुई जिले के बलियाडीह गांव में हिन्दू स्वाभिमान संगठन के काफिले पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमला किया गया. जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. इस हमले के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और इलाके में धारा 144 लागू कर दी. सोमवार और मंगलवार को पूरे इलाके में दुकानें बंद रही, जबकि इंटरनेट सेवा भी ठप कर दी गई थी.

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से की अपील

बलियाडीह गांव और आसपास के इलाकों में पुलिस की पैनी नजर रही और अधिकारियों ने फ्लैग मार्च कर शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया. पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें. इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि धारा 144 के तहत कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकलेगा और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़-भाड़ नहीं होनी चाहिए.

महिला कोऑर्डिनेटर खुशबू पांडेय समेत 10 गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने हिन्दू स्वाभिमान संगठन की प्रांत महिला कोऑर्डिनेटर खुशबू पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है और जांच प्रक्रिया तेज कर दी है.

दोषियों की गिरफ्तारी की मांग

मंगलवार को व्यवसायियों ने सिमुलतला, लोहिया चौक और टेलवा बाजार बंद कर दिए. व्यवसायियों ने एकजुट होकर मांग की कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें जेल भेजा जाए. स्थानीय पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रहे हैं.

ये भी पढ़े: गया में 6.9 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार, झारखंड से लाई जा रही थी बड़ी खेप

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जल्द

इधर, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की गहरी जांच की जा रही है ताकि असामाजिक तत्वों को पकड़ा जा सके और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जा सके. प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखने के लिए वे किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेंगे.