प्रार्थना के दौरान कस्तूरबा विद्यालय की नौ छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, कराया भर्ती

खैरा के कस्तूरबा बालिका छात्रावास की 9 छात्राएं प्रार्थना के दौरान अचानक बेहोश हो गईं। डिहाइड्रेशन और फूड पॉइजनिंग की आशंका, अस्पताल में चल रहा है इलाज।

खैरा (जमुई). खैरा स्थित आदर्श मध्य विद्यालय खैरा में शनिवार को कस्तूरबा आवासीय बालिका छात्रावास की नौ छात्राओं की तबीयत एक साथ बिगड़ गई. शनिवार सुबह प्रार्थना के दौरान इन सभी नौ छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरा में भर्ती कराया गया. सभी छात्राएं प्रार्थना के लिए लाइन में खड़ी थीं. इसी दौरान कुछ छात्राओं को अचानक चक्कर आने लगा और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं. एक साथ कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई. इसके बाद विद्यालय प्रबंधन ने आनन-फानन में सभी प्रभावित छात्राओं को खैरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. बीमार पड़ी सभी छात्राएं छठी और सातवीं कक्षा की बताई जा रही हैं. इन छात्राओं की बिगड़ी तबियत अस्पताल में भर्ती छात्राओं में बबली हेंब्रम, नंदनी कुमारी, सरस्वती मरांडी, प्रिया हासा, चांदनी कुमारी, सुनीता मुरमुर, फूलमणि हेमरम और अनीषा टुडू सहित अन्य छात्रा शामिल हैं. विद्यालय की वार्डन सोनी कुमारी ने बताया कि प्रार्थना के दौरान छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी थी. कुछ छात्राएं चक्कर खाकर गिर गईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल लाया गया. छात्राओं का इलाज करने वाली खैरा पीएचसी की चिकित्सक डॉ. शीनू कुमारी ने बताया कि छात्राओं की तबीयत कमजोरी और गर्मी के कारण बिगड़ी प्रतीत होती है. दो-तीन छात्राओं को बुखार भी था. सभी छात्राओं को स्लाइन और आवश्यक दवाएं दी गई हैं. इलाज के बाद फिलहाल उनकी स्थिति ठीक बताई जा रही है. डॉक्टर बोले डिहाइड्रेशन से हो सकती है समस्या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमित आनंद ने बताया कि नौ छात्राओं को बेहोश होने के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सभी छात्राओं को फिलहाल अंडर ऑब्जर्वेशन रखा गया है और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है. प्रथम दृष्टया डिहाइड्रेशन या फूड पॉइजनिंग की आशंका लग रही है. उन्होंने यह भी कहा कि छात्राओं को साफ पानी नहीं मिलने की स्थिति की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. हालांकि, छात्राओं की तबीयत बिगड़ने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. मामले की जानकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी महेश कुमार को भी नहीं थी. उन्होंने बताया कि वह पटना में आयोजित एक कार्यशाला में हैं. उन्हें अभी तक मामले की जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों से बातचीत कर घटना की जानकारी लेने के बाद ही वह इस संबंध में कुछ बता पाएंगे. एक साथ नौ छात्राओं के बीमार पड़ने से हड़कंप एक ही समय में नौ छात्राओं की तबीयत खराब होने और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद अब कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं. सवाल यह भी है कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था कैसी है. क्या उन्हें नियमित रूप से साफ और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. छात्राओं को किस तरह का भोजन दिया जा रहा है और भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच होती है या नहीं.

चिकित्सकों की निगरानी में हैं सभी छात्राएं

फिलहाल चिकित्सकों ने छात्राओं को निगरानी में रखा है और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. लेकिन एक साथ नौ छात्राओं के बीमार पड़ने की घटना ने छात्रावास की पेयजल, भोजन और स्वास्थ्य व्यवस्था की जांच की जरूरत जरूर पैदा कर दी है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन इस पूरे मामले की जांच किस तरह करता है और छात्राओं की सुरक्षा व स्वास्थ्य को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं.

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लेखक के बारे में

By गुलशन कश्यप

गुलशन कश्यप प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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