गिद्धौर. प्रखंड क्षेत्र के मौरा-निजुआरा बालू घाट पर कथित तौर पर खनन मानकों की अनदेखी कर धड़ल्ले से बालू उठाव किए जाने का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि बरनार नदी में 25 से 30 फीट तक गड्ढा खोदकर खनन किया जा रहा है, जिससे नदी का स्वरूप तालाब जैसा हो गया है. ग्रामीण व किसानों का कहना है कि पिछले दो महीनों से नदी के मुहाना के आसपास गहरी खुदाई की जा रही है. इसके कारण नदी मेें गढ्ढा हो गया है और जानमाल का भी नुकसान होने की आशंका बढ़ गयी है. किसानों ने बताया कि नदी में खनन का यही हाल रहा तो सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जायेगा और सैकड़ों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि बंजर हो जायेगा. किसान नेता कुणाल सिंह, अशोक यादव, अशोक सिंह, ललन कुमार और पप्पू राम ने आरोप लगाया कि बालू घाट पर प्रतिदिन दर्जनों पोकलेन मशीनें लगाकर नियमों के विपरीत खनन किया जा रहा है. संवेदक व कर्मी भयमुक्त हो कर लगातार नदी में गहरी खुदाई कर रहे हैं. ग्रामीणों की मांग के बाद अनुमंडल पदाधिकारी व खनन पदाधिकारी द्वारा सिंचाई पैईनों को सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से इस मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर समुचित कार्रवाई करने की मांग किया.
मौरा-निजुआरा बालू घाट पर नियमों की अनदेखी, किसान चिंतित
प्रखंड क्षेत्र के मौरा-निजुआरा बालू घाट पर कथित तौर पर खनन मानकों की अनदेखी कर धड़ल्ले से बालू उठाव किए जाने का मामला सामने आया है.
