सभी मंत्रों से बेहतर है गायत्री मंत्र : ज्ञान प्रकाश

सनातनी हिंदू धर्म के लोगों के लिए व गृहस्थ जीवन यापन के लिए सभी मंत्रों से बेहतर गायत्री मंत्र है.

झाझा. सनातनी हिंदू धर्म के लोगों के लिए व गृहस्थ जीवन यापन के लिए सभी मंत्रों से बेहतर गायत्री मंत्र है. इसे प्रत्येक लोगों को अपनाना चाहिए. उक्त बातें मंगलवार को रेलवे कॉलोनी स्थित गायत्री मंदिर में चल रहे तीन दिवसीय अखंड जब के दौरान दूसरे दिन उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गायत्री परिवार के जिला संयोजक ज्ञान प्रकाश ने कहा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता प्राणी मात्र के कल्याण एवं विश्व शांति को समर्पित एक महान आध्यात्मिक प्रयोग गायत्री महामंत्र ही है. यह ब्रह्म-गायत्री मंत्र है. गायत्री वेदों की ””””आशीर्वाद माता”””” हैं. गाय के दूध से श्रेष्ठ कोई दूध नहीं है. ठीक उसी प्रकार गायत्री मंत्र से श्रेष्ठ कोई मंत्र नहीं है. जिस प्रकार संन्यासियों के लिए ओंकार या प्रणव है, उसी प्रकार ब्रह्मचारियों और गृहस्थों के लिए गायत्री है. ओंकार ध्यान से जो फल प्राप्त होते हैं, वही फल गायत्री ध्यान से भी प्राप्त किए जा सकते हैं. परमहंस संन्यासी जिस लक्ष्य को प्राप्त करते हैं, वही लक्ष्य ब्रह्मचारी या गृहस्थ गायत्री ध्यान से प्राप्त कर सकते हैं. गायत्री मंत्र की अधिष्ठात्री देवी सविता हैं, मुख अग्नि है, ऋषि विश्वामित्र हैं और छंद गायत्री है. इसका पाठ जनेऊ धारण, प्राणायाम और जाप के समय किया जाता है. गायत्री जो है, वही संध्या है, और संध्या जो है, वही गायत्री है. संध्या और गायत्री एक ही हैं. जो गायत्री का ध्यान करता है, वह भगवान विष्णु का ध्यान करता है. तीन दिवसीय कार्यक्रम में सोनो, बटिया, गिधौर, टेलवा, जमुई समेत कई जगहों के लोग मौजूद थे. मौके पर सदस्य रामलखन बरनवाल, लाली बरनवाल, सूरज बरनवाल, लीलाधर कुमार, नूतन कुमार, रवि कुमार, बिरंची प्रसाद बरनवाल, रश्मि देवी, पूजा देवी, रेनू देवी, बमशंकर बरनवाल, नरेंद्र वर्मा समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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