गिद्धौर . थाना क्षेत्र के मौरा निजुआरा बालू घाट से मानक के विपरीत हो रहे खनन के विरोध में सोमवार को मौरा, निजुआरा, प्रधानचक व धोबघट गांव के सैकड़ों किसानों ने धोबघट मोड़ पर धरना-प्रदर्शन किया. किसानों का कहना है कि बालू खनन के कारण सिंचाई पइन सूखने की कगार पर है. इस वजह से हजारों एकड़ खेतीहर जमीन अब बंजर होने के कगार पर है. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मनमाने ढंग से किये जा रहे खनन पर रोक लगाने की मांग की. किसानों ने बताया कि मौरा पुवारी सिंचाई पइन, मंजला बाहियार सिंचाई पइन, पछियारी सिंचाई पइन, कोरियाका सिंचाई पइन व धोबघट सिंचाई पइन से आधा दर्जन से अधिक गांवों की सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि की सिंचाई होती है, लेकिन बालू घाट पर खनन से जलस्तर नीचे चला गया है. इस कारण पटवन व पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. धरना में शामिल किसान नेता कुणाल सिंह, अशोक सिंह, गिरिश झा, श्रवण यादव, अवधेश सिंह, शैलेन्द्र कुमार सिंह, बाबू साहेब, लाली सिंह, नंदन दुबे, नवल तिवारी, केशव कुमार सिंह, मंटू तिवारी, कुंदन कुमार, अमोद सिंह, आशीष दुबे, विष्णु सिंह, रमेश कुमार मेहता, रामस्वरूप रावत, मनीष कुमार, पवन कुमार रावत, अभिषेक कुमार, अलाउद्दीन अंसारी, प्रमोद यादव, संजीव सिंह, विकास रावत सहित सैकड़ों किसानों ने एक स्वर में कहा कि नदी और उससे जुड़ी सिंचाई पइन ही उनकी खेती का एकमात्र आधार है. यदि इसी तरह बालू उठाव जारी रहा तो सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जायेगी. किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मौरा निजुआरा बालू घाट पर मानक के विपरीत हो रहे खनन को अविलंब बंद कराया जाये. किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी इस मूलभूत समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक वे शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे और जरूरत पड़ी तो आमरण अनशन पर भी बैठेंगे.
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