बालू खनन के विरोध में किसानों ने जताया आक्रोश

मौरा नदी बालू घाट पर चल रहे खनन कार्य के विरोध में सोमवार को मौरा, निजुआरा, प्रधानचक, तिलेर, धोबघट गांव के दर्जनों किसानों ने बीडीओ ई सुनील कुमार, सीओ आरती भूषण के सामने प्रदर्शन किया.

गिद्धौर. प्रखंड क्षेत्र के मौरा नदी बालू घाट पर चल रहे खनन कार्य के विरोध में सोमवार को मौरा, निजुआरा, प्रधानचक, तिलेर, धोबघट गांव के दर्जनों किसानों ने बीडीओ ई सुनील कुमार, सीओ आरती भूषण के सामने प्रदर्शन किया. इस दौरान किसानों ने मानक के विपरीत हो रहे बालू खनन को तत्काल बंद कराने की मांग की. किसानों ने कहा कि बरनार नदी स्थित मौरा बालू घाट से लेकर गमहरिया घाट तक संवेदक मनमाने तरीके से नदी में बालू निकासी कर रहे हैं. इससे आधा दर्जन से अधिक सिंचाई पईन ध्वस्त होने की कगार पर है. किसान नेता कुणाल सिंह, अशोक सिंह, सचित रावत, रामप्रवेश रावत सहित अन्य किसानों ने कहा कि दिसंबर माह से ही नियमों की अनदेखी कर बालू खनन जारी है, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है. सिंचाई व्यवस्था बचाने को लेकर पूर्व में 13 दिनों तक धरना-प्रदर्शन भी किया गया, बावजूद इसके नदी के मुहाने पर 20 से 25 फीट गहरे गड्ढे खोदकर लगातार खनन किया जा रहा है. किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर बेतरतीब बालू खनन पर रोक नहीं लगायी गयी तो आधा दर्जन से अधिक गांव के किसान प्रखंड मुख्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगे. मौके पर विक्रम यादव, सुबोध यादव, राम अवध, प्रभाकर कुमार रावत, सुखदेव वैद्य, साहिल अंसारी, फरीद अंसारी, पप्पू राम, ललन कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे. सीओ आरती भूषण ने बताया कि नदी घाटों से बालू खनन निर्धारित मानकों के तहत ही किया जाना है. किसानों की मांगों को लेकर वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है. आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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Published by: Pankaj kumar singh

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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