चकाई. जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, धमनाडीह के शिक्षक विपिन कुमार पाठक पर अनियमितता बरतने को लेकर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि एक शिकायत पत्र के माध्यम से कार्यालय को जानकारी मिली है कि शिक्षक ने कथित रूप से गलत आवासीय प्रमाण-पत्र व दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त की. साथ ही, सरकारी सेवक होने के बावजूद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभ लेने तथा राशन कार्ड का लाभ प्राप्त करने का भी आरोप लगाया गया है. स्पष्टीकरण पत्र में पूछा गया है कि किन परिस्थितियों में सरकारी सेवा में रहते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लिया गया. साथ ही, यह भी कहा गया है कि यदि आरोपों का संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी. डीईओ ने बताया कि नियुक्ति से संबंधित सभी अभिलेखों के साथ तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया जाये. विलंब की स्थिति में विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जायेगी. पत्र की प्रतिलिपि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, चकाई को भी भेजी गयी है. मामले के सामने आने के बाद चकाई शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है. सूत्रों के अनुसार प्रखंड में कुछ अन्य शिक्षकों द्वारा भी कथित रूप से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की चर्चा है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. विभागीय स्तर पर अब सभी की निगाहें शिक्षक द्वारा दिए जाने वाले स्पष्टीकरण और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं.
अनियमितता के आरोप में धमनाडीह के शिक्षक से स्पष्टीकरण
जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, धमनाडीह के शिक्षक विपिन कुमार पाठक पर अनियमितता बरतने को लेकर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है.
