पैक्स मतदाता सूची में डुप्लीकेट इंट्री

डाढ़ा पंचायत की मतदाता सूची में एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग क्रमांक और अलग-अलग पते पर दर्ज पाये गये हैं.

बरहट . आगामी छह फरवरी को बरहट प्रखंड के पांडो, गुगुलडीह और डाढ़ा पंचायत में पैक्स चुनाव होना तय है. प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिये गये हैं और प्रचार अभियान तेज हो चुका है. इसी बीच डाढ़ा पंचायत की मतदाता सूची में एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग क्रमांक और अलग-अलग पते पर दर्ज पाये गये हैं. जिससे पूरे चुनावी तंत्र की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. पैक्स सूत्रों के मुताबिक डाढ़ा पंचायत की निवर्तमान पैक्स अध्यक्ष सह वर्तमान प्रत्याशी अंजू देवी के पति धनेश्वर मांझी का नाम मतदाता सूची में दो बार दर्ज है. एक ओर क्रमांक संख्या 211 पर धनेश्वर मांझी दर्ज हैं. वहीं दूसरी ओर क्रमांक संख्या 518 पर धनेश्वर मांझी पिता रामचरित्र मांझी के नाम से वोटर बनाया गया है. यही नहीं अंजू देवी की बेटी सुषमा देवी का नाम क्रमांक संख्या 1725 पर ग्राम डाढ़ा पिता धनेश्वर मांझी के रूप में अंकित है. जबकि क्रमांक संख्या 2146 पर सुषमा कुमारी पिता धनेश्वर मांझी ग्राम सुदामापुर के पते से नाम दर्ज है. बेटे नीतीश कुमार का नाम भी दो-दो बार शामिल बताया जा रहा है. क्रमांक संख्या 1727 पर ग्राम डाढ़ा और क्रमांक संख्या 2111 पर ग्राम सुदामापुर दर्शाया गया है. इसी तरह दूसरे बेटे अमन कुमार का नाम क्रमांक संख्या 1726 पर ग्राम डाढ़ा और क्रमांक संख्या 2146 पर ग्राम सुदामापुर के पते से दर्ज है.एक पंचायत के पैक्स अध्यक्ष कहा की एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज होना न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है. बल्कि चुनावी निष्पक्षता के साथ सीधी छेड़छाड़ का संकेत भी देता है. डाढ़ा पंचायत के मतदाताओं का कहना है कि यदि समय रहते इस गड़बड़ी को ठीक नहीं किया गया तो चुनाव परिणाम पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.

मतदाता सूची में नाम जोड़ने और काटने का पैक्स अध्यक्ष के पास अधिकार

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक पैक्स अध्यक्ष ने बताया कि सहकारिता विभाग द्वारा तय समय-सीमा में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से नाम जोड़े जाते हैं. इस दौरान वर्तमान अध्यक्षों को नये नाम जोड़ने और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने की भूमिका मिलती है. नियम स्पष्ट है कि किसी भी व्यक्ति का नाम केवल एक ही मतदाता सूची में होना चाहिए. इसके बावजूद ऐसी गड़बड़ी सामने आना विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है.

पदाधिकारी ने दिये जांच के संकेत

प्रखंड क्लस्टर सहकारिता प्रसार पदाधिकारी विक्रम कुमार ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक क्रमांक या पते पर दर्ज है तो आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और पहचान के आधार पर जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. हालांकि अब देखना यह होगा कि समय रहते इस कथित मामले में मतदाता सूची को कितना शुद्ध किया जाता है.

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