अलीगंज (जमुई). जिले का अलीगंज प्रखंड लगातार सुखाड़ की मार झेल रहा है. पर्याप्त बारिश नहीं होने से इस वर्ष भी धान की खेती पर संकट गहरा गया है. प्रखंड में धान की रोपनी का लक्ष्य करीब 4300 हेक्टेयर निर्धारित है, लेकिन अब तक महज दो प्रतिशत क्षेत्र में ही रोपनी हो सकी है. इससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है. बारिश के अभाव में खेतों में तैयार धान का बिचड़ा सूखने के कगार पर पहुंच गया है. प्रखंड के अधिकांश तालाब, आहर और नहर सूखे पड़े हैं. वहीं, प्रमुख जलस्रोत कैलाश डैम में भी पर्याप्त पानी नहीं है. ऐसे में किसानों के सामने धान की रोपनी के लिए सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.
डीजल पंप से महंगी पड़ रही सिंचाई कुछ किसान डीजल पंप के सहारे महंगे खर्च पर खेतों की सिंचाई कर रोपनी करने में जुटे हैं. किसान अर्जुन सिंह, सुरेश महतो, तुलसी महतो, करू सिंह, गुड्डू यादव, ब्रह्मदेव सिंह, कासिम मियां, नन्हे मियां, अंजुन मांझी और दाशो तांती समेत अन्य किसानों ने बताया कि डीजल और पटवन की बढ़ती लागत से खेती करना मुश्किल हो रहा है. निजी बोरिंग वाले किसान भी बिजली की अनियमित आपूर्ति से परेशान हैं. किसानों का कहना है कि नियमित बिजली मिले तो बोरिंग के माध्यम से रोपनी का काम तेज किया जा सकता है.
बढ़ती लागत से खेती से मोहभंग किसानों के अनुसार डीजल, खाद, बीज और पटवन पर लगातार खर्च बढ़ रहा है, जबकि उत्पादन और मुनाफा अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिल रहा. लगातार सुखाड़ की स्थिति ने आर्थिक परेशानी और बढ़ा दी है. किसानों को आशंका है कि समय पर पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो इस वर्ष धान की खेती बुरी तरह प्रभावित हो सकती है.
तीन साल से सुखाड़ की स्थिति किसानों ने बताया कि अलीगंज क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों से धान की खेती के मौसम में सुखाड़ जैसी स्थिति बनी हुई है. 21 अगस्त 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अलीगंज प्रखंड की आढ़ा पंचायत पहुंचकर सुखाड़ की स्थिति का जायजा लिया था. उस दौरान भी किसानों ने सिंचाई की स्थायी व्यवस्था की मांग रखी थी. किसानों का कहना है कि वर्षों बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
नहर-आहर व तालाबों के जीर्णोद्धार की मांग किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग से अलीगंज में स्थायी सिंचाई व्यवस्था विकसित करने, नहर, आहर व तालाबों का जीर्णोद्धार कराने, नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा कृषि इनपुट पर पर्याप्त सहायता देने की मांग की है. किसानों का कहना है कि समय रहते सिंचाई की व्यवस्था नहीं हुई तो कृषि प्रधान अलीगंज में खेती का भविष्य संकट में पड़ सकता है.
