एक साल की दौड़-भाग के बाद मिला मृत्यु प्रमाण पत्र
सड़क हादसे में तीन किशोरों की मौत के बाद परिजन भटकते रहे दफ्तर-दफ्तर, लोक शिकायत निवारण कार्यालय की पहल से मिली राहत
जमुई. जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत सोनेल गांव के तीन परिवारों के लिए एक साल बड़ा दुखदायी रहा. सड़क हादसे में बेटों को खोने के बाद परिजन मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लगातार भटकते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली. अंततः जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय की पहल से तीनों परिवारों को राहत मिली और मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने के बाद पिता के चेहरे पर फिर से खुशी लौट आयी.
जानकारी के अनुसार, सोनेल गांव निवासी रंजीत मांझी के 15 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार, जोधन मांझी के पुत्र गोलू कुमार तथा चंदन मांझी के पुत्र ऋषि कुमार की वर्ष 2025 में एक सड़क हादसे में मौत हो गयी थी. बताया जाता है कि तीनों युवक एक शादी समारोह में शामिल होने जमुई गये थे. वहां से ऑटो से गांव लौटने के दौरान हरदीमोड़ के समीप तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी. हादसा इतना भयावह था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गयी. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया था.
मुआवजे के लिए जरूरी था मृत्यु प्रमाण पत्र
हादसे के बाद तीनों मृतकों के पिता मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रखंड कार्यालय, अस्पताल और अन्य सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाते रहे. परिजनों का आरोप है कि कई जगहों पर पैसे की मांग भी की गयी. गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले ये लोग मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. सरकारी सहायता और मुआवजा पाने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र जरूरी था, लेकिन एक साल तक सिर्फ निराशा हाथ लगी. रंजीत मांझी ने बताया कि कई लोगों ने यह तक कह दिया था कि मृत्यु प्रमाण पत्र बन ही नहीं सकता. इससे परिवार पूरी तरह हिम्मत हार चुका था. इसी बीच उन्हें जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय की जानकारी मिली, जिसके बाद तीनों पिता ने वहां आवेदन देकर अपनी समस्या रखी.
आवेदन मिलते ही हुई त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय के अपर समाहर्ता बालमुकुंद प्रसाद ने तीनों मामलों में त्वरित पहल की. आवेदन स्वीकार करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करायी गयी और अंततः संबंधित परिवारों को मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया.प्रमाण पत्र मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और अपर समाहर्ता का आभार जताया. परिजनों ने कहा कि अब उन्हें भरोसा हो गया है कि यदि कहीं काम नहीं हो रहा हो तो जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय से न्याय मिल सकता है.
जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कर रहा कार्य
अपर समाहर्ता बालमुकुंद प्रसाद ने कहा कि सड़क हादसों के बाद कई परिवार मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए महीनों तक दफ्तरों का चक्कर लगाते रहते हैं. कई लोग परेशान होकर उम्मीद छोड़ देते हैं. उन्होंने कहा कि इन तीनों मामलों में भी परिवार लंबे समय से प्रयासरत था, लेकिन काम नहीं हो पा रहा था. आवेदन मिलने के बाद मामले का निष्पादन कराया गया और प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया. उन्होंने कहा कि जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहा है. कई वर्षों से लंबित मामलों का भी निष्पादन किया गया है. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि जिनका वास्तविक कार्य कहीं नहीं हो पा रहा है, वे कार्यालय में आवेदन देकर न्याय प्राप्त कर सकते हैं.