पंचायत सरकार भवन निर्माण पर ब्रेक, फाइलों में फंसा है विकास
डाढ़ा पंचायत का मामला
By PANKAJ KUMAR SINGH | Updated at :
बरहट. प्रखंड के डाढ़ा पंचायत में पंचायत सरकार भवन निर्माण का मुद्दा अब स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी किरकिरी की वजह बनता जा रहा है. सरकार की योजना थी कि पंचायत स्तर पर ही लोगों को प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं समेत अन्य सरकारी सेवाएं मिल जाएं, ताकि उन्हें प्रखंड मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े, लेकिन यहां योजना धरातल पर उतरने से पहले ही विवादों व लापरवाही के जाल में उलझ गयी है, ग्रामीणों का आरोप है कि कोर्ट के निर्देश के बावजूद यहां पंचायत सरकार भवन का निर्माण नहीं हो रहा है. इससे सरकारी योजना का लाभ लेने में परेशानी हो रही है.
जमीन चयन से शुरू हुआ विवाद
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत के तत्कालीन मुखिया के कार्यकाल में आमसभा बुलाकर दुर्गा मंदिर के समीप स्थित जमीन को भवन निर्माण के लिए सर्वसम्मति से चिन्हित किया गया था. पंचायत समिति सदस्य सुमित कुमार सिंह, वार्ड सदस्य राणा रंजीत, पंच सदानंद सिंह, ग्रामीण प्रमोद कुमार सिंह, निप्पू सिंह, आशीष कुमार, दिवाकर मांझी, उत्तम सिंह, मंटू ठाकुर, रविन्द्र पंडित और भोली पंडित ने बताया कि बाद में पूर्व मुखिया स्व बेबी देवी के कार्यकाल में इस जमीन को निरस्त कर दूसरे स्थान को गलत तरीके से आमसभा से पारित करा दिया गया.
मामला पहुंचा अदालत, फिर भी नहीं बना भवन
ग्रामीणों ने बताया कि मामला पटना उच्च न्यायालय पहुंचा. न्यायालय के निर्देश पर अधिकारी ने स्थलीय जांच कर दुर्गा मंदिर के समीप स्थित जमीन को सही मानते हुए उसी स्थल पर भवन निर्माण का निर्देश दिया. आदेश के बाद राशि भी स्वीकृत कर दी और संवेदक ने निर्माण शुरू कर दिया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि काम करीब छह महीने से पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है और निर्माण स्थल वीरान पड़ा है.
फाइलों में फंसा विकास
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय टालमटोल व आपसी खींचतान के कारण योजना अटक गयी है. उनका कहना है कि अगर समय पर काम पूरा होता, तो पंचायत स्तर पर ही लोगों को सरकारी सेवाएं मिलने लगतीं. अब स्थिति यह है कि लोग छोटे-छोटे काम के लिए भी प्रखंड कार्यालय जाने को मजबूर हैं.
कहते हैं पदाधिकारी
इस संबंध में एलएईओ रविशंकर पाठक का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से मामला अभी लंबित है और विभाग से स्पष्ट निर्देश नहीं मिला है. निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.