Bihar Police: जमुई में महिला सिपाही लापता, ड्राइवर पर अपहरण का शक, पुलिस विभाग में हड़कंप

Bihar Police: जमुई जिले में तैनात महिला सिपाही प्रियंका कुमारी के लापता होने से पुलिस महकमे सकते में हैं. परिजनों ने डायल 112 के ड्राइवर निलेश मंडल पर अपहरण का आरोप लगाया है. प्रियंका का मोबाइल 6 अगस्त से बंद है. एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

Bihar Police: बिहार के जमुई जिले में तैनात महिला सिपाही प्रियंका कुमारी के अचानक लापता होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. भागलपुर के सुल्तानगंज थाना के कमरगंज गांव निवासी रुदल यादव ने गुरुवार को जमुई एसपी कार्यालय पहुंचकर बेटी के अपहरण की आशंका जताई है. उन्होंने बताया कि प्रियंका बिहार पुलिस में सिपाही पद पर कार्यरत है और फिलहाल चकाई थाना में तैनात थी. उनका सिपाही नंबर 406 है. 6 अगस्त 2025 से प्रियंका का मोबाइल फोन बंद है, जिससे परिवार बेहद चिंतित है.

ड्राइवर पर अपहरण का आरोप. पहले से था संपर्क

प्रियंका के पिता रुदल यादव ने आरोप लगाया है कि चकाई थाना में कार्यरत डायल 112 की गाड़ी के ड्राइवर निलेश मंडल ने उनकी बेटी का अपहरण किया है. निलेश सैप का जवान है और शादीशुदा है. उसके तीन बच्चे भी हैं.

परिजनों का कहना है कि प्रियंका और निलेश के बीच पहले से संपर्क था और निलेश की गतिविधियां लंबे समय से संदिग्ध रही हैं. पिता ने बताया कि निलेश का मोबाइल नंबर पुलिस को सौंप दिया गया है और मामले की गहराई से जांच की मांग की गई है.

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एसपी ने दिए जांच के निर्देश

रुदल यादव ने एसपी से अपील की है कि जल्द से जल्द प्रियंका को सुरक्षित बरामद किया जाए और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है. एसपी विश्वजीत दयाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच का भरोसा दिलाया है. महिला सिपाही के अचानक गायब होने से पूरे पुलिस विभाग में बेचैनी का माहौल है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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