13 मई को भाकपा माले निकालेगा किसान न्याय मार्च
भाकपा माले की जिला कमेटी की एक बैठक जिला सचिव शंभू शरण सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को एक निजी भवन में किया गया
फोटो 2 बैठक में शामिल भाकपा माले नेता व कार्यकर्ता प्रतिनिधि, जमुई भाकपा माले की जिला कमेटी की एक बैठक जिला सचिव शंभू शरण सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को एक निजी भवन में किया गया. इस दौरान बैठक शुरू करने से पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गये पर्यटकों को श्रद्धांजलि देते हुए एक मिनट का मौन रखा गया. इसके बाद बैठक में विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनायी गयी. वक्ताओं ने कहा कि भाजपा-जदयू के बीते दो दशक के शासनकाल में राज्य गहरे संकट में चला गया है. जनता अब इस कुशासन से मुक्ति चाहती है. ऐसे में बदलो बिहार अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है, जो अब महागठबंधन की साझा पहल का हिस्सा बन चुका है. बैठक में वक्फ संशोधन कानून को संविधान विरोधी बताते हुए उसकी वापसी की मांग की गयी. इस मुद्दे पर तीन मई को राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया. वही एनएच-333ए के निर्माण से विस्थापित किसानों के पुनर्वास और उचित मुआवजा की मांग को लेकर 13 मई को खैरा हाई स्कूल मैदान से समाहरणालय तक ”किसान न्याय अधिकार मार्च” निकाला जायेगा. वहीं 20 मई को केंद्र सरकार की जनविरोधी और कॉर्पोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर होने वाली हड़ताल को सफल बनाने के लिए भी व्यापक तैयारी की जायेगी. बैठक में भाकपा माले नेता बाबू साहब सिंह, किसान महासभा के जिला सचिव मनोज कुमार पांडेय, खेत मजदूर नेता बाबुदेव राय, आदिवासी किसान नेता कल्लू मरांडी, एक्टू नेता मो हैदर, झाझा प्रखंड सचिव कंचन रजक, जय राम तुरी, रमेश यादव, मो सलीम अंसारी, जयप्रकाश दास, गुलटन पुजहर, किरण गुप्ता, सतेंद्र पासवान समेत कई नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे.
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