Government School Reality : सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग लगातार करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, लेकिन जमुई जिले के बरहट प्रखंड के कई स्कूलों की तस्वीर सरकारी दावों से बिल्कुल अलग नजर आती है. कहीं मुट्ठीभर छात्रों पर शिक्षकों की भरमार है, तो कहीं सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई महज कुछ शिक्षकों के भरोसे चल रही है. इस असंतुलन ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
कहीं छात्रों से ज्यादा शिक्षक, कहीं शिक्षकों की भारी कमी
बरहट प्रखंड के कटौना पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय रावत टोला में कक्षा एक से पांच तक केवल 38 छात्र नामांकित हैं, जबकि यहां तीन शिक्षक और एक शिक्षिका पदस्थापित हैं. नवीन प्राथमिक विद्यालय गादी कटौना में 29 छात्रों पर दो शिक्षक कार्यरत हैं. प्राथमिक विद्यालय पमैया में 38 छात्रों के लिए चार शिक्षक तैनात हैं.
सबसे चौंकाने वाली स्थिति कन्या प्राथमिक विद्यालय गादी कटौना की है, जहां केवल 50 छात्रों के लिए छह शिक्षक पदस्थापित हैं. यानी औसतन आठ से नौ छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध है.
117 छात्रों की जिम्मेदारी सिर्फ तीन शिक्षकों पर
इसके उलट बुनियादी विद्यालय कटौना में 117 छात्रों की पढ़ाई की जिम्मेदारी मात्र तीन शिक्षकों पर है. प्राथमिक विद्यालय गढ़वा कटौना मुसहरी में 48 छात्रों के लिए पांच शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि नुमर पंचायत के नवीन प्राथमिक विद्यालय मकतब केवाल में 58 छात्रों पर छह शिक्षक तैनात हैं.
वहीं गुगुलडीह पंचायत के नवीन प्राथमिक विद्यालय रावत टोला में 94 छात्रों के लिए चार शिक्षक हैं, जबकि नवीन प्राथमिक विद्यालय आजादपुर गुगुलडीह में केवल 38 छात्रों पर चार शिक्षक पदस्थापित हैं.
विभागीय मानक से मेल नहीं खाती व्यवस्था
शिक्षा विभाग के मानकों के अनुसार प्रत्येक 30 छात्रों पर एक शिक्षक की तैनाती का प्रावधान है. इसके बावजूद बरहट के कई विद्यालयों में यह अनुपात पूरी तरह असंतुलित दिखाई दे रहा है. विभागीय अधिकारियों ने भी माना है कि यह स्थिति समीक्षा और जांच का विषय है.
ग्रामीणों ने उठाए पढ़ाई की गुणवत्ता पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम और शिक्षक अधिक हैं, वहां कई शिक्षक केवल औपचारिक उपस्थिति दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर देते हैं. दूसरी ओर, जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक है, वहां कम शिक्षक होने से एक ही शिक्षक को कई कक्षाओं की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है.
डीईओ बोले- होगी समीक्षा, होगा संतुलित पदस्थापन
जिला शिक्षा पदाधिकारी धनंजय कुमार पासवान ने बताया कि जिले के सभी विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता की समीक्षा कराई जा रही है. समीक्षा के बाद जिन स्कूलों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक होंगे, वहां से उनका स्थानांतरण उन विद्यालयों में किया जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है. उनका कहना है कि उद्देश्य सभी विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित कर शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है.
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