जमुई. बिहार पुलिस सप्ताह के तहत शुक्रवार को जमुई स्टेडियम में साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी देना था. इस दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी योजनाओं और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से आगाह किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल उपस्थित रहे. उनके साथ साइबर डीएसपी राजन कुमार, जिले के सभी थानाध्यक्ष व सशस्त्र बल के जवान मौजूद थे. नुक्कड़ नाटक का मंचन बिहार पुलिस के जवानों ने किया. सरल और प्रभावी संवादों के जरिए बताया गया कि किस प्रकार लोग अनजान कॉल, फर्जी लिंक और लालच भरे संदेशों के झांसे में आकर ठगी का शिकार हो जाते हैं. नाटक के एक दृश्य में किसान सम्मान योजना के नाम पर ओटीपी और बैंक विवरण लेकर खाते से पैसे उड़ाने की घटना को दर्शाया गया. वहीं सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर ब्लैकमेलिंग और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों को भी दिखाया गया. दर्शकों को सलाह दी गई कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें. एसपी विश्वजीत दयाल ने अपने संबोधन में कहा कि साइबर अपराधी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है. उन्होंने अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की. साइबर डीएसपी राजन कुमार ने कहा कि साइबर क्राइम की घटनाओं में वृद्धि हुई है, लेकिन समय पर शिकायत दर्ज कराने से नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है. पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने साइबर अपराध से बचने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया. पुलिस सप्ताह के तहत आगे भी जिले में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
नुक्कड़ नाटक के जरिये साइबर ठगों से सतर्क रहने की दी सलाह
बिहार पुलिस सप्ताह के तहत शुक्रवार को जमुई स्टेडियम में साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया.
