खैरा . पिछले साल शादी हुई तो घर में नये बच्चे के आगमन की तैयारी चल रही थी. लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि अजन्मा बच्चा अपने पिता का मुंह भी नहीं देख सकेगा, और ना ही पिता उसे. गरही थाना क्षेत्र की गोली पंचायत के मसरहंडी गांव निवासी भगीरथ यादव के तीन बेटों में से छोटा सुरेंद्र यादव की एक दुर्घटना में मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. सुरेंद्र यादव अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था. उसके दोनों बड़े भाई धर्मेंद्र यादव व रवींद्र यादव को अब भी ये यकीन नहीं हो रहा है कि उसका छोटा भाई अब इस दुनिया में नहीं रहा. बताते चलें कि मृतक सुरेंद्र यादव की उम्र महज 23 साल ही थी. पिछले साल 2025 में उसकी शादी बजराही गांव में हुई थी. शादी के बाद वह अपनी पत्नी को लेकर अपने साथ बिलासपुर चला गया था. उसकी पत्नी पांच माह की गर्भवती है. बीते 21 जनवरी को वह अपनी पत्नी को अपनी मां के पास पहुंचाने के लिए अपने घर आया था. मां फुलिया देवी अपने बेटे की मौत के बाद बदहवास है, तो पिता भगीरथ यादव और उसके दादा के सामने सबसे छोटे बेटे की मौत ने सबको झकझोर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि आधे घंटे से सब कुछ उजड़ गया. शुक्रवार सुबह 7:30 बजे के करीब गांव के लोग डेगन यादव के ट्रैक्टर में सवार होकर झुमराज स्थान के लिए निकले थे. करीब आधा घंटा बाद सुबह आठ बजे इस हादसे की खबर आयी. घटना के बाद मृतक के घर पर ग्रामीणों की भीड़ लग गयी. लोग इस हादसे के बाद गमगीन थे. ग्रामीणों ने बताया कि मृतक सुरेंद्र यादव काफी मिलनसार और हंसमुख प्रवृति का था. वह जब भी गांव आता था तो सबसे मिलता जुलता था, लेकिन अब उसके मौत ने सबको झकझोर दिया है. बताते चलें कि इस हादसे में गंभीर रूप से घायल सात लोगों में दो की हालत भी अत्यंत नाजुक बतायी जा रही है. जिनका इलाज जमुई के एक निजी क्लिनिक में चल रहा है. घायलों में 60 से 70 वर्ष के बुजुर्ग से लेकर 10 से 15 साल के बच्चे भी शामिल हैं. इस घटना के बाद पूरे मसरहंडी गांव में कोहराम मच गया है.
केवल आधा घंटा का लगा वक्त और उजड़ गया एक हंसता-खेलता परिवार
पिछले साल शादी हुई तो घर में नये बच्चे के आगमन की तैयारी चल रही थी. लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि अजन्मा बच्चा अपने पिता का मुंह भी नहीं देख सकेगा, और ना ही पिता उसे.
