जमुई : डीएम धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय संवाद कक्ष में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा को लेकर अधिकारियों की बैठक हुई.
मौके पर इस दौरान जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार के द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने का समीक्षा किया गया और सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को निर्देश दिया गया कि सभी आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर के द्वारा कम से कम 20 प्रतिशत लाभार्थी का कार्ड बनाने हेतु सूची वीएली को उपलब्ध कराएंगे जो भी आशा या आशा फैसिलिटेटर के द्वारा इस लक्ष्य को हासिल नहीं किया जाएगा उन्हें चयन मुक्त कर दिया जायेगा इस दौरान जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डा श्याम मोहन दास ने बताया कि जिले में कुल लक्ष्य 8 लाख 43 हजार 707 के विरुद्ध अभी तक मात्र 36 हजार 744 लाभार्थियों का कार्ड बनाया गया है.
20 प्रतिशित कार्ड नहीं बनाने पर होगी कार्रवाई
प्राथमिक स्वास्थ्य जमुई के आशा मीरा कुमारी ,श्यामपति देवी, अनीता देवी,जनता कुमारी और कविता कुमारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गिद्धौर की आशा कार्यकर्ता सावित्री देवी, मीना देवी, जयंती कुमारी,सुलेखा कुमारी और रधिया देवी, रेफरल अस्पताल झाझा की आशा शीला कुमारी ,जया देवी ,फुल कुमारी देवी, मेहरू निशा और तिलैया देवी के द्वारा अभी तक अपने अपने पोषक क्षेत्र में गोल्डन कार्ड निर्गत कराने में लापरवाही बरती जा रही है.
इसके अलावा रेफरल अस्पताल लक्ष्मीपुर की आशा पूनम कुमारी, बिंदु कुमारी, मालती कुमारी, सनोती कुमारी और कौशल्या देवी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरा की आशा कार्यकर्ता सुमित्रा देवी, रेणु देवी,प्रीति देवी, मंजू देवी और इंदु कुमारी के द्वारा भी गोल्डन कार्ड बनाने में काफी लापरवाही बरता जा रहा है.
अगर 12 नवंबर इन सभी आशा के द्वारा अपने-अपने पोषक क्षेत्र में कम से कम 20 प्रतिशत गोल्डन कार्ड निर्गत करवाना सुनिश्चित नहीं किया गया तो इन सबों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए इन्हें चयन मुक्त किया जाएगा. फिलहाल सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी 9 नवंबर तक अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे.
आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनवाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. क्योंकि इस कार्ड को निर्गत किए बिना बीपीएल सूची में आने वाले लोगों और अन्य सभी लोगों का इलाज सही तरीके से संभव नहीं है. मौके पर स्वास्थ्य विभाग के दर्जनों पदाधिकारी मौजूद थे.
