जमुई : बैंक का लोन चुका पाने में असमर्थ पति ने की पत्नी और बेटी की हत्या, फिर कर ली खुदकुशी

जमुई : जिले के बरहट थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव में कर्ज में डूबे एक व्यक्ति ने पहले अपने पूरे परिवार को जहर खिला दिया, फिर खुद पंखे से लटक कर जान दे दी. मृतकों में पति, पत्नी और एक मासूम बच्ची शामिल है. बताया जाता है कि पूरा परिवार कर्ज के बोझ तले दबा […]

जमुई : जिले के बरहट थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव में कर्ज में डूबे एक व्यक्ति ने पहले अपने पूरे परिवार को जहर खिला दिया, फिर खुद पंखे से लटक कर जान दे दी. मृतकों में पति, पत्नी और एक मासूम बच्ची शामिल है. बताया जाता है कि पूरा परिवार कर्ज के बोझ तले दबा था. घटना की जानकारी पुलिस को दी गयी है. मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. मृतक का नाम मुकेश साव बताया जा रहा है.

बताया जाता है कि 32 वर्षीय मुकेश साव ने पहले 27 वर्षीया पत्नी कौशल्या देवी और आठ वर्षीया पुत्री अनुराधा को जहर खिलाकर मार डाला. फिर देर रात पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी. बुधवार सुबह जब काफी देर बाद भी उक्त लोग कमरे से नहीं निकले और ना ही कमरे का दरवाजा खुला, तब मुकेश के चचेरे भाई केदार साव तथा अन्य परिजनों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा, फिर उन्हें घटना की जानकारी हुई. कमरे का दरवाजा खोलने के बाद परिजनों को मुकेश का शव घर के कमरे में पंखे से लटका मिला, जबकि पत्नी और पुत्री का शव बिस्तर पर पड़ा था.

सुसाइड नोट में किया कर्ज का जिक्र

घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. इसमें मुकेश साव ने लिखा है कि अपने और अपने परिवार की मौत का जिम्मेवार स्वयं है. इसमें ग्रामीण बैंक की कोई भी भूमिका नहीं है. उक्त चिट्ठी में बैंक से लिये गये लोन का नोटिस आने के बाद से परेशान रहने का जिक्र है. परिजनों की माने तो मुकेश ने बिहार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से लोन लिया था. घर के समीप ही एक छोटी-सी दुकान चलाता था. बीते कुछ दिनों से बैंक के पदाधिकारी लोन चुकाने को लेकर मुकेश पर दबाब बना रहे थे. इसके बाद उसने यह कदम उठाया है.

जीवित बची बच्चियों ने बतायी रात की घटना

घटना में मुकेश साव की तीन अन्य बेटियां विनीता, राधिका और ज्योति जिंदा बच गयीं. हालांकि, मरने से पहले मुकेश ने उन्हें भी जहर दे दिया था. इन बच्चियों ने बताया कि मंगलवार रात में हम सभी लोग एक साथ खाना खाकर सोये थे. सुबह देखा तो मम्मी के साथ बहन अनुराधा मरी पड़ी है तथा पापा पंखे से लटके हुए है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी है. मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है.

क्या कहते हैं अधिकारी?

घटना के बाद एसडीपीओ रामपुकार सिंह, एसडीओ रामपुकार सिंह, बरहट थानाध्यक्ष अब्दुल हलीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन में जुट गये हैं. एसडीपीओ रामपुकार सिंह ने बताया कि मुकेश कर्ज के बोझ तले दबा था और मानसिक रूप से परेशान चल रहा था. आस-पड़ोस के लोगों से यह जानकारी मिली कि परिवार बहुत गरीब था और कई दिनों से परेशान चल रहा था. पूरा परिवार कर्ज में डूबा हुआ था. उन्होंने कहा कि मामले के वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एफएसएल की टीम बुलायी जा रही है.

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