जमुई : डॉक्‍टरों ने पहले मांगे पैसे, फिर कहा- बच्चा मर गया, फेंक दिया, अपने चिराग की आस में टकटकी लगाये बैठी है मां

सरौन (जमुई) : चकाई प्रखंड स्थित बहुचर्चित आरआर मेमोरियल हॉस्पिटल को लेकर 24 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिस को कुछ भी सफलता नहीं मिल पायी है. पुलिस लगातार छापेमारी करने का दावा करती है, मगर अबतक कुछ भी सफलता मिली है. पांच नवंबर की रात पूर्व माधोपुर पंचायत के हिरनाटांड़ गांव […]

सरौन (जमुई) : चकाई प्रखंड स्थित बहुचर्चित आरआर मेमोरियल हॉस्पिटल को लेकर 24 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिस को कुछ भी सफलता नहीं मिल पायी है. पुलिस लगातार छापेमारी करने का दावा करती है, मगर अबतक कुछ भी सफलता मिली है. पांच नवंबर की रात पूर्व माधोपुर पंचायत के हिरनाटांड़ गांव के मथुरा दास ने पत्नी कमली देवी को प्रसव के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया था. छह नवंबर अहले सुबह कमली देवी ने बच्चे को दिया. अस्पताल संचालक सह डॉक्टर केडी दास ने प्रसव के लिए तीन हजार रुपये जमा करने को कहा. इनकार करने पर चिकित्सक ने कहा कि बच्चा तुम्हारा कमजोर है.
विशेष इलाज करना होगा. अभी चौबीस घंटा तक तुम लोगों को बच्चा से नहीं मिलने दिया जायेगा. वह पैसे लेने गया और जब शाम को लौटा, तो नर्स ने कही कि तुम्हारे बच्चे की तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण देवघर ले जाया गया है. कुछ देर के बाद बताया गया कि तुम्हारा बच्चा मर गया. उसे देवघर के रास्ते में ही उधर ही फेंक दिया गया है. मथुरा दास ने उसने इसकी सूचना थाने को दी. पुलिस के पहुंचने के पूर्व ही सभी स्वास्थ्य कर्मी फरार हो गये.
इसके बाद से आज तक न बच्चे का पता चल सका है और न चिकित्सक का. पुलिस द्वारा उक्त अस्पताल में एक चौकीदार को तैनात कर दिया गया, लेकिन अब तक इसे लेकर पुलिस को कुछ खास हासिल नहीं हो सका है. जबकि पीड़ित दंपती अपने चिराग की आस में टकटकी लगाये है. क्षेत्र के लोग पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाने लगे हैं.
लोग कहने लगे हैं कि देखना यह है कि गरीब परिवार को जमुई पुलिस प्रशासन न्याय दिला पाता है या इतने बड़े मामला को ठंडे बस्ते में डाल कर मामला रफा दफा कर दिया जायेगी. अपने बच्चे को जी भर देखने की आस लगाये बैठी मां कमली देवी ने दर्द बयां करते हुए बताया कि मुझे पूरा यकीन है कि मेरा बच्चा मर नहीं सकता. वह जिंदा है. पुलिस अगर आरोपी तक पहुंच जायेगी, तो भेद खुल जायेगा. हालांकि चकाई पुलिस आरोपी को पकड़ने को लेकर ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाने की दावा करती है, लेकिन आरोपी अब तक उसकी पहुंच से बाहर हैं.
पहले मांगे पैसे, फिर कहा- बच्चा मर गया, फेंक दिया हैचौबीस
दिन बीतने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
बच्चा न मरा, न गायब, बच्चा बेचा गया है : झाझा डीएसपी
अब आरोपित चिकित्सक की गिरफ्तारी के बाद ही मिल सकेगा गायब बच्चे का सुराग

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