जमुई-बांका सीमा के अहरा गांव के जंगली क्षेत्र से लापता एनामुल का शव हुअा था बरामद

प्रेम, धोखा व हत्या की कहानी बना एनामुल हत्याकांड सोनो : एनामुल की हत्या प्रेम प्रसंग में हुई थी. उक्त जानकारी झाझा एसडीपीओ भास्कर रंजन ने मंगलवार को सोनो थाना में पत्रकारों से कहीं. उन्होंने कहा कि एनामुल की प्रेमिका रुबाना खातून व उसका पति मुर्शीद उर्फ फजलू ही उसका मुख्य हत्यारा है. उन्होंने बताया […]

प्रेम, धोखा व हत्या की कहानी बना

एनामुल हत्याकांड
सोनो : एनामुल की हत्या प्रेम प्रसंग में हुई थी. उक्त जानकारी झाझा एसडीपीओ भास्कर रंजन ने मंगलवार को सोनो थाना में पत्रकारों से कहीं. उन्होंने कहा कि एनामुल की प्रेमिका रुबाना खातून व उसका पति मुर्शीद उर्फ फजलू ही उसका मुख्य हत्यारा है. उन्होंने बताया कि एनामुल अपने कॉलेज की एक सहपाठी रुबाना से पढ़ाई के समय से ही प्यार करता था. रुबाना सोनो थाना क्षेत्र के रक्त रोहनियां गांव की रहने वाली थी. यह प्रेम शादी के बाद भी दोनों के बीच बना रहा. एनामुल अक्सर रुबाना से मिलता था. इस बीच छह माह पूर्व रुबाना की शादी सिमुलतला के पूरनकाडीह असरफ मुहल्ला निवासी मुर्शिद उर्फ फजलू से हो गयी. शादी के बाद भी एनामुल रुबाना से मिलने को आतुर रहता था लेकिन मुर्शीद से शादी के बाद रुबाना को एनामुल से मिलना पसंद नहीं था.
यह शायद इसलिए भी कि मुर्शीद को दोनों के प्रेम संबंध के बारे में मालूम हो गया था. मुर्शीद ने योजना बनाकर 11 अगस्त की शाम अपनी पत्नी रुबाना से एनामुल को फोन करवाकर सिमुलतला पुरनकाडीह बुलवाया. 11 अगस्त को रुबाना का फोन आते ही एनामुल सिमुलतला के लिए निकल पड़ा. उसने सिमुलतला में मिठाई खरीदी और अपनी प्रेमिका से मिलने उसके ससुराल पुरनकाडीह चला गया. उसे क्या पता था कि उसके सबसे अजीज प्रेमिका ही उसकी हत्या की साजिश रच दी है. रुबाना के घर में दाखिल होते ही पूर्व से घात लगाये मुर्शिद व उसके मित्र बिजली मिस्त्री नियाज व सहीम मिलकर एनामुल को पकड़ लिया व रस्सी से बांध दिया. उसी दिन 7:30 बजे शाम को उनलोगों ने अंधेरे में एनामुल को जंगल ले गया जहां मुर्शिद ने कुल्हाड़ी से उसके गले पर वार कर उसकी हत्या कर दी.
11 अगस्त को रुबाना ने ही एनामुल को फोन कर बुलायी थी ससुराल पुरनकाडीह
11 अगस्त शनिवार की शाम पांच बजे रुबाना ने ही एनामुल को फोन कर अपने ससुराल पुरनकाडीह बुलाया था. दरअसल एनामुल का उससे अब भी मिलना-जुलना था. सिमुलतला पुरनकाडीह स्थित रुबाना के घर जैसे ही एनामुल पहुंचा वहां पहले से घात लगाये रुबाना के पति मो मुर्शिद उर्फ फजलू व उसके दोनों मित्र मो नियाज व मो सहीम उसे पकड़कर रस्सी से बांध दिया. थोड़ी देर बाद ही चारों ने एनामुल को लेकर समीप के जंगल में पहुंचा जहां मुर्शिद ने एनामुल के गला पर कुल्हाड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी. हत्या से पूर्व पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्यारों ने जबरन एनामुल से उसके पिता के पास फोन करवाया और पुलिस को गुमराह करने के लिए उससे जसीडीह जंगल में होने की बात कहलवायी. हत्यारों ने जबरन उससे राजेश नाम को भी कहलवाया, ताकि पुलिस की खोज राजेश नामक लोगों पर हो सके. एसडीपीओ ने बताया कि हत्यारों तक पहुंचने में टेक्निकल सेल की मदद ली गयी.
जिस नंबर से 11 अगस्त की शाम एनामुल को फोन किया गया था उस नंबर का काल डिटेल सहित अन्य सूचना प्राप्त की गयी. जब अनुसंधान में हत्यारों के बारे में जानकारी मिल गयी. तब पुलिस ने एक साथ तीन घरों में छापेमारी की. मुख्य हत्यारा मुर्शीद व उसकी पत्नी रुबाना घर से फरार थी. इधर मुर्शीद का मित्र व हत्या में उसका सहयोगी टहवा का नियाज व पुरनकाडीह का ही सहीम पुलिस के हत्थे चढ़ गया. एसडीपीओ ने बताया कि दोनों ने हत्या में मुर्शिद को सहयोग करने की बात को कबूली है.
बताते चलें कि 11 अगस्त की शाम से लापता 32 वर्षीय सोनो निवासी एनामुल अंसारी का शव 12 अगस्त को जमुई-बांका सीमा के आनंद पुर थाना क्षेत्र के अहरा गांव के समीप जंगली क्षेत्र से बरामद किया गया था. एनामुल की हत्या व उसके शव मिलने के बाद उसके परिजन ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हत्यारों के शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए सोनो चौक पर सड़क जाम कर दिया था. झाझा एसडीपीओ ने ही उस वक्त भी परिजनों को हत्यारों के शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देकर सड़क जाम को हटवाया था.

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