व्यवसायी गोपाल मंडल के अपहरण से उसके परिजन भयभीत हैं. कोई भी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहा है.
जमुई : बिहार, बंगाल व झारखंड समेत कई अन्य राज्यों की पुलिस के लिये सिरदर्द बन चुका टनटन मिश्रा जमुई कोर्ट हाजत से तीन जून 2014 को फरार हुआ था. जबकि चार अक्तूबर वर्ष 2016 को धनबाद जिला के कुल्टी थाना क्षेत्र में गिरफ्तार होने के बाद फिर पांच अगस्त 2017 को पुलिस को चकमा देकर कोर्ट हाजत से ही फरार हो गया. फरार होने के बाद ही खासकर लक्ष्मीपुर क्षेत्र के लोगों में अपराधिक घटना को लेकर भय प्रबल हो गया था. लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र से सरेशाम अगवा हुए गोपाल के परिजनों की मानें तो उसे फिरौती के लिए बाबा ने फोन किया है.
अगर यह सच है तो एसे में एक बात तय है कि जमुई पुलिस की नींदे उड़ने वाली हैं. बताते चलें कि टनटन मिश्रा का बहुत ही पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, उसपर कई दर्जन संगीन मामले स्थानीय थाना समेत कई अलग अलग थानों में दर्ज हैं. गोपाल अपहरण कांड़ के तार टनटन मिश्रा से जुड़ने के बाद स्थानीय लोगों में भय व्याप्त हो गया है. लोग कहने लगे हैं कि अगर टनटन मिश्रा फिर से सक्रिय हो गया तो हमारा जीना दुश्वार हो जायेगा. यही प्रसाशन के समक्ष सबसे बडी चुनौती बनकर उभर रही है.
सहमे हुए हैं परिजन : थाना क्षेत्र के चिमनी व्यवसायी ककनचौर टोला राजा डाक निवासी गोपाल मंडल के अपहरण की सूचना मिलते ही परिजन काफी भयभीत व सहमे हुए हैं. कोई कुछ बोलने से परहेज कर रहे हैं. पत्नी गौरी देवी की आंखों से आंसू निकलना बंद हो गया है पत्नी बार बार यही कहती है कि हमने किसका क्या बिगाड़ा जो मेरे पति को उठा ले गया. वहीं मां रानी देवी बेटे के आस में दरवाजे के बाहर टकटकी लगाकर बैठी हुई है.
गोपाल के पुत्र आयुष व बेटी ज्योति को देख लोगों के सब्र का बांध टूट गया. दोनों बच्चे को यह मालूम नही की मेरे पिता को अपराधी अपहरण कर ले गया है यहां बता दे की शनिवार को चिमनी व्यवसायी गोपाल मंडल का अज्ञात अपराधियों ने थाना क्षेत्र के मटिया बाजार के आस पास से अपहरण कर एक करोड़ फिरौती की मांग की है. अपहृत की मोटरसाइकिल मटिया बाजार से पुलिस ने लावारिस हालात में बरामद हुई है.
