चिकित्सक अनुपस्थित भगवान भरोसे मरीज

जिले के सदर अस्पताल के नेत्र वार्ड में अक्सर चिकित्सक अनुपस्थित रहते हैं, जिससे इलाज कराने तो आये मरीज निराश होकर अपने घर लौट जाते हैं. कई मरीजों ने बताया िक इतनी दूर से इलाज कराने आते हैं जब डॉक्टर नहीं मिलते हैं तो आिर्थक के साथ-साथ शारीरिक परेशानी होती है. जमुई : सदर अस्पताल […]

जिले के सदर अस्पताल के नेत्र वार्ड में अक्सर चिकित्सक अनुपस्थित रहते हैं, जिससे इलाज कराने तो आये मरीज निराश होकर अपने घर लौट जाते हैं. कई मरीजों ने बताया िक इतनी दूर से इलाज कराने आते हैं जब डॉक्टर नहीं मिलते हैं तो आिर्थक के साथ-साथ शारीरिक परेशानी होती है.
जमुई : सदर अस्पताल के नेत्र वार्ड में अक्सर चिकित्सक अनुपस्थित रहते हैं, जिससे इलाज कराने तो आये मरीज निराश होकर अपने घर लौट जाते हैं. जानकारी के अनुसार क्षेत्र के लोगों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधा को लेकर बीते कई दशक पहले सरकार द्वारा अनुमंडलीय अस्पताल को एक सौ सैय्या वाले सदर अस्पताल का दर्जा दिया गया.
नाम के मुताबिक अस्पताल में नेत्र वार्ड प्रसव कक्ष सहित अन्य आवश्यक वार्डों की स्थापना करके पर्याप्त मात्रा में चिकित्सक की नियुक्ति भी की गयी. वर्तमान में नेत्र वार्ड में डाॅ आनंद शंकर और डाॅ तनीश कुमार नाम से दो चिकित्सक को प्रतिनियुक्त किया गया, लेकिन आंख का इलाज कराने आये रोगी की माने तो अक्सर नेत्र वार्ड बिना चिकित्सक के ही खुला रहता है. जिससे शहरी क्षेत्र के अलावे सुदूर देहाती क्षेत्रों से आने वाले मरीज को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
डॉ आनंद शंकर सप्ताह में चार दिन अपनी सेवा दे रहे हैं. भारी मात्रा में मरीजों का इलाज हो रहा है. उपलब्ध संसाधन के आधार पर यह वार्ड मरीजों को पर्याप्त सुविधा देने में कामयाब है. मरीजों को सुविधा देने में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है.
डाॅ नौशाद अहमद, अस्पताल उपाधीक्षक

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >