कहीं आपसी रंजिश की भेंट तो नहीं चढ़ गया विनय

जमुई : सदर थाना क्षेत्र के अम्बा में दौलतपुर निवासी विनय पासवान की हत्या अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया. कहीं विनय की हत्या प्रतिशोध में तो नहीं की गयी है. कहीं विनय आपसी रंजिश की भेंट तो नहीं चढ़ गया. विनय की दिनदहाडे हत्या किया जाना न सिर्फ प्रतिशोध की भावना को दर्शाता है […]

जमुई : सदर थाना क्षेत्र के अम्बा में दौलतपुर निवासी विनय पासवान की हत्या अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया. कहीं विनय की हत्या प्रतिशोध में तो नहीं की गयी है. कहीं विनय आपसी रंजिश की भेंट तो नहीं चढ़ गया.

विनय की दिनदहाडे हत्या किया जाना न सिर्फ प्रतिशोध की भावना को दर्शाता है बल्कि यह प्रशासन के कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है. आखिर क्यों लोगों का विश्वास कानून व्यवस्था पर से उठता जा रहा है. किसी की हत्या किया जाना कानून की नजर में अगर सबसे बड़ा अपराध है तो उसके प्रतिशोध में की गयी हत्या भी उसी के समान वीभत्स अपराध है.

परंतू दिनदहाड़े किसी की भी प्रतिशोध में हत्या कर देना कहीं से भी उचित नहीं लगता है. अगर बात विनय की करें तो वह भी उक्त गांव में हुए एक हत्या का नामजद आरोपित था, तथा जेल से जमानत पर रिहा होकर आया था. परंतु जेल से निकलना उसके लिये जानलेवा साबित हो गया. और दिनदहाड़े उसकी हत्या कर दी गयी. इस बाबत सदर थानाध्यक्ष संजय विश्वास ने बताया कि घटना को लेकर अभी तक लिखित आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन दिये जाने के बाद प्राथमिकी दर्ज किया जायेगा.

क्या जेल ही था विनय के लिए ज्यादा सुरक्षित ?

जेल से बाहर आते ही दौलतपुर निवासी विनय की हत्या के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या जेल ही विनय के लिये ज्यादा सुरक्षित था. जैसे ही वह जेल से अपनी सजा के बाद बाहर आया वह मौत के घाट उतार दिया गया. हालांकि विनय भी अापराधिक प्रवृत्ति का था तथा हत्या के मामला में नामजद था. हाल के दिनों में ही जमानत पर जेल से बाहर निकल कर आया तो जरूर परंतु वह अपने दुश्मनों के निशाने पर था. जिसके बाद वह मौत के घाट उतार दिया गया.

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