गोशाला हत्याकांड . भगवान महावीर की जन्मस्थली बनी अपराधियों व नक्सलियों की शरणस्थली
आये दिन नक्सली व अपराधी देते हैं हत्या की घटनाओं को अंजाम
सिकंदरा : प्रेम, अहिंसा व करुणा के अवतार भगवान महावीर की अवतरण भूमि क्षत्रिय कुंड लछुआड़ की धरती यूं तो हाल के दिनों में कई बार रक्त रंजित हो चुकी है लेकिन शायद ये पहला अवसर है जब अपराधियों ने जैन श्वेतांबर सोसायटी से जुड़े किसी संस्थान पर हत्या जैसे जघन्य घटना को अंजाम दिया है. जैन श्वेतांबर सोसायटी से संबद्ध गौशाला से अपराधियों द्वारा स्थानीय निवासी प्रदीप सिंह को अगवा कर हत्या कर दिये जाने के मामले को कोई साधारण घटना नहीं मानी जा सकती है. सामान्य तौर पर भले ही यह सिर्फ एक साधारण हत्या का मामला प्रतीत हो रहा हो लेकिन व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें तो
इस घटना का दूरगामी प्रभाव पड़ना तय है. संसाधनों के घोर अभाव के बावजूद भगवान महावीर की जन्मस्थली होने के कारण सैकड़ों वर्षों से यह क्षेत्र जैन धर्मावलंबियों के लिये आस्था का केंद्र बना हुआ है और हजारों की संख्या में प्रति वर्ष जैन श्रद्धालु भगवान महावीर का दर्शन करने यहां आते रहे हैं. लेकिन अपराधियों व नक्सलियों की शरणस्थली होने के बावजूद यात्रियों के साथ मामूली छीन-झपट की घटना को छोड़ कोई अप्रिय घटना नहीं घटी. जिसके कारण लछुआड़ स्थित जैन मंदिर के कर्मी समेत यहां आने वाले जैन तीर्थयात्री हमेशा अपने आपको महफूज मानते रहे. लेकिन अपराधियों द्वारा गौशाला से अगवा कर प्रदीप सिंह के हत्या की घटना ने जैन श्वेतांबर सोसायटी से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसा माना जा रहा है कि अपराधियों ने जैन ट्रस्टियों में भय पैदा करने को लेकर जैन सोसायटी से जुड़े गौशाला में घटना को अंजाम दिया है. ऐसी आशंका जताई जा रही है की जैन ट्रस्टियों से रंगदारी वसूलने को लेकर अपराधियों ने भय का माहौल बनाने का प्रयास किया है. विदित हो कि जैन ट्रस्टियों के द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से जमीन खरीद कर उसपर गौशाला का निर्माण किया जा रहा है. फिलवक्त गौशला के चाहरदिवारी का निर्माण कार्य चल रहा है जिसपर अपराधियों की नजर आकर टिक गयी है. और रंगदारी वसूलने की पृष्ठभूमि अपराधियों द्वारा तैयार की जाने लगी है. पुलिस भी दबी जुबान से स्वीकार रही है कि अपराधियों ने रंगदारी वसूलने को लेकर भय का माहौल तैयार करने के लिये इस घटना को अंजाम दिया है. अगर इस आशंका में जरा सी भी सच्चाई है तो पुलिस प्रशासन के लिये यह घटना बड़ी चुनौती बनकर सामने आ सकती है.
