समस्या . थाना चौक से बोधबन तालाब जाने वाली मुख्य सड़क बनी झील
शहर के हर मोहल्ले में हुआ जलजमाव
प्रशासन भी नहीं कर
रहा कोई पहल
जमुई : मानसून अपने पूरे शबाब पर है और बारिस की बुंदे लगातार आसमान से जमीन का सफर तय कर रही है. लेकिन शहर में प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह हो गया है कि पिछले तीन दिनों से हुई झमाझम बारिश ने नगर परिषद की पोल खोल कर रख दी है. शहर के निचले इलाके सहित मुख्य माने जानेवाला इलाका भी पानी से लबालब भर गया है. लगातार हो रही बारिश ने लोगों को परेशानियों में डाल दिया है. लेकिन सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि शहर में फैली इस समस्या से निजात दिलाने को लेकर अभी तक कोई प्रशासनिक पहल नहीं दिख रही है. नगर परिषद यूं तो प्रति वर्ष सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च करती है.
लेकिन परिषद के इन खर्च का कोई भी असर शहर में नहीं दिख रहा है. सबसे बुरा हाल तो थाना चौक से बोधबन तालाब जाने वाली मुख्य सड़क का है. लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है. सबसे ज्यादा परेशानी महिला और बच्चों को इस जलजमाव से उठानी पड़ रही है. नगर परिषद की ओर से नाला की बेहतर ढंग से सफाई नहीं कराये जाने का खामियाजा शहर के लोगों को उठाना पड़ रहा है. कई मोहल्लों में जल निकासी के लिए नाला की व्यवस्था नहीं होने की वजह से भी वहां जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है.
तालाब बनी शहर की सड़कें. यूं तो बरसात के महीने किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आती है. लेकिन नगर परिषद की लापरवाही के कारण शहरवासी के लिए बरसात का महीना फजीहत के समान हो गया है. शहर की सड़कों पर हुए विकराल जलजमाव ने तालाब का रूप ले लिया है. थाना चौक से बोधवन तालाब जाने वाले रास्ते के आधा भाग पर हुए जलजमाव से उक्त मार्ग में जाम लगना आम हो गया है. कोई भी वाहन चालक पानी से होकर नहीं जाना चाहता है. जिस कारण आधी सड़क ही इस्तेमाल को बच पाता है. लेकिन नगर परिषद या प्रशासन अभी तक इस मामले पर बेसुध पड़ा हुआ है. प्रशासनिक लापरवाही के कारण आमजनों को नित नई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. लोग घरों से निकलने में सकुचाने लगे हैं. आलम यह हो गया है कि सड़क और नाला एक बराबर हो गया है.
कहते हैं लोग
इस बाबत अपनी परेशानी बताते हुए शहरवासी विद्या सिंह, मानेंद्र प्रसाद, दीपक कुमार, सुमित वर्णवाल, आनंद कुमार, स्मृति शार्दूल कहते हैं कि इन दिनों शहर में रहना काफी कष्टदायक हो गया है. शहर की इस दुर्दशा के बाबजूद प्रशासन की उदासीनता से आमजनों में आक्रोश पनपने लगा है.
