Vaishali News : (नीरज कुमार) वैशाली राजापाकर मठ आश्रम राजापाकर परिसर में संत कबीर प्राकट्य दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में देश-विदेश से आए संत-महात्माओं, कबीरपंथी अनुयायियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया. वक्ताओं ने कहा कि संत कबीर के दोहे आज भी समाज को प्रेम, समानता और सद्भाव का संदेश देते हैं तथा उनके विचारों को अपनाकर सामाजिक समरसता स्थापित की जा सकती है.
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन कबीर मठ आश्रम राजापाकर के महंत ज्ञान प्रकाश शास्त्री ने दीप प्रज्वलित कर किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संत कबीर हिंदी साहित्य के महान संत, समाज सुधारक और निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख कवि थे. उन्होंने अपने दोहों और साखियों के माध्यम से प्रेम, सत्य, समानता और ईश्वर भक्ति का संदेश दिया तथा जाति-पाति, ऊंच-नीच, अंधविश्वास और धार्मिक पाखंड का विरोध किया.
कबीर की वाणी आज भी प्रासंगिक
कार्यक्रम का संचालन कर रहे शिक्षाविद रविंद्र प्रसाद सिंह और नगीना प्रसाद सिंह ने कहा कि संत कबीर की प्रमुख रचनाओं का संग्रह ‘बीजक’ है. उन्होंने लोगों से कबीर के विचारों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति, मानव सेवा और सदाचार ही जीवन का वास्तविक मार्ग है. उन्होंने कबीर के प्रसिद्ध दोहों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी वाणी आज भी समाज को नैतिक और आध्यात्मिक जीवन जीने की प्रेरणा देती है.
भजन-कीर्तन और प्रवचन का हुआ आयोजन
प्रसिद्ध व्यास मजे लाल राय ने कबीर साहब के दोहों, भजनों और प्रवचनों के माध्यम से उनके उच्च विचारों का विस्तार से वर्णन किया. इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और कीर्तन का आनंद लिया.
मेडिकल कैंप का भी हुआ आयोजन
कार्यक्रम के दौरान डॉ. गौरीशंकर कुमार द्वारा निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श दिया गया.
देश-विदेश से पहुंचे संत-महात्मा
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, नेपाल और गुवाहाटी सहित विभिन्न स्थानों से आए संत-महात्माओं ने भाग लिया. मौके पर अनिल कुमार, हरिशंकर गोसाई, प्रमोद कुमार, रामबालक दास, हरेंद्र गोसाई, प्रोफेसर रघुवंश राय, दिनेश प्रसाद राय, राम इकबाल गोसाई, मंटू गोसाई, जगदीश गोसाई सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
