Hajipur News : बंगाली दंपती को प्री एडॉप्शन फॉस्टर केयर में सौंपा ढाई माह की बच्ची को

विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान हाजीपुर में आवासित ढाई माह की एक बच्ची को सोमवार को डीएम ने दत्तक ग्रहण के पूर्व देखरेख के लिए मुंबई में कार्यरत बंगाली दंपती को सौंपा. मात्र एक दिन की यह बच्ची करीब ढाई माह पूर्व सदर थाना क्षेत्र में परित्यक्त अवस्था में पायी गयी थी. चाइल्ड हेल्पलाइन वैशाली के सहयोग से बच्ची को प्राप्त करने के बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

हाजीपुर. विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान हाजीपुर में आवासित ढाई माह की एक बच्ची को सोमवार को डीएम ने दत्तक ग्रहण के पूर्व देखरेख के लिए मुंबई में कार्यरत बंगाली दंपती को सौंपा. मात्र एक दिन की यह बच्ची करीब ढाई माह पूर्व सदर थाना क्षेत्र में परित्यक्त अवस्था में पायी गयी थी. चाइल्ड हेल्पलाइन वैशाली के सहयोग से बच्ची को प्राप्त करने के बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. चाइल्ड हेल्पलाइन ने बच्ची को बाल कल्याण समिति वैशाली के समक्ष प्रस्तुत किया था. समिति के आदेश से उसे विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में आवासित कर जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा उसके माता-पिता की खोज के लिए विज्ञापन का प्रकाशन कराया गया था.60 दिनों तक किसी दावेदार के नहीं आने पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा अधिसूचित दत्तक ग्रहण विनियमन 2022 के प्रावधान के अनुसार बच्ची को दत्तक ग्रहण में दिया जा रहा है. बच्ची के भावी माता-पिता को पूर्व से एक पुत्र है. उन्होंने एक पुत्री के लिए 2021 में carings.wcd.gov.in पर अपना पंजीकरण कराया था. चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद उन्हें बच्ची का रेफरल प्राप्त हुआ, तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा. उसके बाद से वे लोग यथाशीघ्र बालिका को ले जाने के लिए उत्सुक बने रहे.

सहायक निदेशक ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दत्तक ग्रहण नियमावली 2022 के प्रावधान के अनुसार विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान की समन्वयक रूपा कुमारी ने मुंबई से आये भावी दत्तक माता-पिता के सभी दस्तावेजों की जांच मूल प्रति से करने के बाद उन्हें दत्तक ग्रहण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें समिति ने दंपती को उक्त बालिका के दत्तक ग्रहण के लिए उपयुक्त पाया. इसके बाद सहायक निदेशक ने डीएम से उक्त बालिका के दत्तक ग्रहण के लिए अग्रेतर कार्रवाई के रूप में प्री एडॉप्शन फॉस्टर केयर के लिए अनुरोध किया, इसके बाद डीएम ने ने बालिका को भावी दत्तक माता-पिता के सुपुर्द किया. अब डीएम के न्यायालय से दत्तक ग्रहण आदेश प्राप्त कर बालिका के दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जायेगी. इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक विनोद कुमार ठाकुर, बाल संरक्षण पदाधिकारी, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान की समन्वयक रूपा कुमारी सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे.

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