Hajipur Flood Update : हाजीपुर में गंगा एवं गंडक नदियों के जलस्तर में कमी हो रही है. इसके साथ ही जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
वर्तमान में जिले के 6 प्रखंडों की 34 पंचायतों के 92 गांवों में कुल 2,98,800 आबादी बाढ़ से प्रभावित है. प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के सुरक्षित आवागमन और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 113 नावें संचालित हैं. इनमें 1 मोटर बोट, 7 सरकारी नाव और 105 निजी नाव शामिल हैं. प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए 15 सामुदायिक रसोई संचालित हैं.
635 किलो ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव
रविवार को प्रभावित क्षेत्रों में 635 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया. वहीं, 1,790 हैलोजन टैबलेट का वितरण किया गया.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 23 स्वास्थ्य शिविर लगाये गये, जहां 2,424 लोगों का उपचार किया गया. वहीं, पशुओं के उपचार और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 14 पशु चिकित्सा शिविर में 402 पशुओं का उपचार किया गया.
97,960 किलो पशु चारा वितरित
प्रशासन के अनुसार अब तक प्रभावित क्षेत्रों में कुल 97,960 किलोग्राम पशु चारा वितरित किया जा चुका है. वहीं, प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 47,705 पॉलीथीन शीट्स, 19,180 ड्राई राशन पैकेट और 1,380 फूड पैकेट वितरित किये जा चुके हैं.
24 घंटे बाढ़ की स्थिति पर नजर
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है. तटबंधों की सतत निगरानी के साथ आवश्यकता के अनुसार पेट्रोलिंग भी की जा रही है.
संपर्क करने के लिए इन नंबरों का प्रयोग करें
आपात स्थिति या सहायता के लिए नागरिक 24 घंटे इन नियंत्रण कक्षों से संपर्क कर सकते हैं.
- जिला नियंत्रण कक्ष, वैशाली: 06224-260233, 06224-260234
- अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, हाजीपुर: 06224-272215
- अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, महनार: 06229-299950
सुरक्षित पानी पीने की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि जलस्तर घटने के इस चरण में स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरतें. केवल शुद्ध और सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें. आवश्यकता होने पर पानी को उबालकर या हैलोजन टैबलेट से उपचारित करने के बाद ही पीएं.
जलजमाव वाले क्षेत्रों में स्वच्छता और कीटाणुशोधन के लिए प्रशासन द्वारा किये जा रहे उपायों में सहयोग करने तथा मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करने की अपील की गयी है.
बुखार, दस्त या किसी अन्य प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर बिना विलंब किये नजदीकी स्वास्थ्य शिविर या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने को कहा गया है.
