नियमित टीकाकरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो: डीएम

पुष्करणी सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की गयी. समीक्षा के क्रम में डीएम वर्षा सिंह ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति का समीक्षा की. बीसीजी टीकाकरण में एमएमआईएस एवं यू-विन पोर्टल के आंकड़ों में अंतर पाए जाने पर इसे तत्काल ठीक करने का निर्देश दिया गया. डीएम ने कहा की कोई भी गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु किसी भी टीके से वंचित न रहे.

हाजीपुर. पुष्करणी सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की गयी. समीक्षा के क्रम में डीएम वर्षा सिंह ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति का समीक्षा की. बीसीजी टीकाकरण में एमएमआईएस एवं यू-विन पोर्टल के आंकड़ों में अंतर पाए जाने पर इसे तत्काल ठीक करने का निर्देश दिया गया. डीएम ने कहा की कोई भी गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु किसी भी टीके से वंचित न रहे. सभी संबंधित पदाधिकारियों को टीकाकरण के प्रत्येक सूचकांक में न्यूनतम 95 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. किसी भी अस्पताल में यदि प्रशासनिक स्तर पर किसी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा हो, तो उसकी सूचना तत्काल उन्हें दी जाये, ताकि समस्या का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा सके. शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं आमजनों तक पहुंचाने के लिए नगर निकायों के साथ समन्वय बैठक कर प्रत्येक वार्ड में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया. बैठक में ये बताया गया कि जिले के सभी 6 शैय्या वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उत्क्रमित कर 30 शैय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई है. इसके साथ ही सदर अस्पताल को अतिविशिष्ट स्वास्थ्य सेवा अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट स्वास्थ्य सेवा अस्पताल के रूप में सात निश्चय-3 के अंतर्गत स्वीकृति मिली है. आधारभूत संरचना, मानव संसाधन (चिकित्सक, नर्स एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ) तथा आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता को लेकर प्रस्ताव तैयार कर समय-सीमा के अंदर विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया. भव्या कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी अस्पतालों में पंजीकरण काउंटर समय पर खुले, चिकित्सकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो, मरीजों का वाइटल जांच अनिवार्य रूप से किया जाए तथा जांच एवं एक्स-रे की सुविधा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध रहने को कहा. सहदेई बुजुर्ग एवं राघोपुर स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर शीघ्र सुधार करने का निर्देश दिया गया. बैठक में सिविल सर्जन, वैशाली, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी, डब्ल्यूएचओ की टीम, सभी स्वास्थ्य संस्थानों के उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक एवं स्वास्थ्य प्रबंधक उपस्थित रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By DEEPAK MISHRA

DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >