राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का महिला छात्रावास वर्षों पहले बनकर तैयार, लेकिन आज तक उपयाेग नहीं, हो रही परेशानी

Hajipur News : करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह भवन उपयोग के अभाव में निष्क्रिय पड़ा हुआ है. परिणामस्वरूप छात्राओं को आसपास के गांवों और बाजार क्षेत्रों में निजी कमरों या लॉज में रहकर पढ़ाई करनी पड़ रही है.

Hajipur News : विनय पटेल की रिपोर्ट

वैशाली जिले के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड के फतेहपुर-अफजलपुर गांव स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान अपनी स्थापना के एक दशक बाद भी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. तकनीकी शिक्षा के इस महत्वपूर्ण संस्थान में अब तक छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिससे दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

सबसे अधिक चिंता का विषय यह है कि परिसर में बालिका छात्रावास भवन का निर्माण वर्षों पहले पूरा हो चुका है, लेकिन आज तक उसमें छात्राओं का आवास शुरू नहीं किया जा सका है. करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह भवन उपयोग के अभाव में निष्क्रिय पड़ा हुआ है. परिणामस्वरूप छात्राओं को आसपास के गांवों और बाजार क्षेत्रों में निजी कमरों या लॉज में रहकर पढ़ाई करनी पड़ रही है.

निजी लॉज, किराए के मकान में रहने को मजबूर

छात्राओं का कहना है कि छात्रावास शुरू नहीं होने से उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. साथ ही, सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बनी रहती हैं. उनका मानना है कि यदि छात्रावास चालू हो जाए तो पढ़ाई के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सकेगा.

वहीं दूसरी ओर संस्थान में अब तक बालक छात्रावास का निर्माण भी नहीं हो पाया है. बाहर से आने वाले छात्र कॉलेज परिसर से दो से दस किलोमीटर दूर निजी लॉज, किराये के कमरों अथवा डेरों में रहने को मजबूर हैं. उन्हें प्रतिदिन कॉलेज आने-जाने के लिए सवारी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे हर महीने परिवहन पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है.

महंगाई के इस दौर में यह अतिरिक्त खर्च विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ रहा है. छात्रों का कहना है कि छात्रावास उपलब्ध होने से समय और धन दोनों की बचत होगी तथा पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा.

बालिका छात्रावास चालू कराने की मांग

छात्रा सोनम, प्रिया, अंकिता सहित अन्य विद्यार्थियों ने मांग की है कि बालिका छात्रावास को जल्द से जल्द चालू किया जाए. उनका कहना है कि इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा.

विद्यार्थियों और अभिभावकों ने राज्य सरकार एवं संबंधित विभाग से संस्थान में लंबित छात्रावास सुविधाओं को शीघ्र बहाल करने की मांग की है.

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Published by: Rajeev Kumar

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