raghopur protest: विभिन्न मांगों को लेकर पिछले पांच दिनों से प्रखंड परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं का धरना मंगलवार की शाम समाप्त हो गया. भूख हड़ताल पर बैठे पृथ्वी कुमार की बहन ने मौके पर पहुंचकर उन्हें जूस पिलाया, जिसके बाद युवाओं ने अनशन समाप्त करने की घोषणा की.
बाढ़ राहत में पारदर्शिता समेत कई मांगों को लेकर चल रहा था अनशन
युवा बाढ़ राहत कार्यों में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार के आरोप में हटाए जा चुके कर्मी दीपक कुमार की दोबारा तैनाती के विरोध सहित कई मांगों को लेकर पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे. इस दौरान प्रशासन की ओर से युवाओं को समझाने और भूख हड़ताल समाप्त कराने के कई प्रयास किए गए.
अंततः परिजनों के हस्तक्षेप के बाद युवाओं ने भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया.
पांचवें दिन सत्यम राणा नारायण ने रखी युवाओं की बात
भूख हड़ताल के पांचवें दिन मंगलवार को प्रदर्शनकारी सत्यम राणा नारायण ने बताया कि बीडीओ सीमा कुमारी की ओर से प्रस्ताव दिया गया था कि युवा भूख हड़ताल समाप्त कर दें.
धरना स्थल से रात में चले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि रात में अंधेरा हो जाता है और धरना स्थल पर कई लोग मौजूद रहते हैं. उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि उनके साथ रहने वाले किसी युवा को किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़े.
सोमवार रात धरना स्थल से चले गए थे युवा
बताया गया कि सोमवार की रात युवा प्रखंड परिसर से चले गए थे. इसके बाद मंगलवार की सुबह वे दोबारा प्रखंड परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए.
मंगलवार को भूख हड़ताल पर सत्यम राणा, पृथ्वी यादव सहित कई स्थानीय युवा मौजूद रहे.
तबीयत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे पृथ्वी यादव
पृथ्वी यादव ने बताया कि तबीयत खराब होने के कारण उन्हें बीते रविवार की रात इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया गया कि पिछले कई दिनों से पृथ्वी यादव को सलाइन चढ़ाया जा रहा था.
बाढ़ राहत कार्यों की जांच की मांग को लेकर बैठे थे भूख हड़ताल पर
गौरतलब है कि बाढ़ प्रभावित राघोपुर क्षेत्र में पॉलीथिन शीट वितरण, सूखा राशन, नाव संचालन और पशु चारा वितरण की जांच उच्च अधिकारियों से कराने की मांग को लेकर युवा भूख हड़ताल पर बैठे थे.
प्रदर्शनकारियों ने सीओ दीपक कुमार और नाजिर को हटाकर दूसरे अधिकारी की तैनाती की मांग भी उठाई थी. इन्हीं मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से प्रखंड परिसर में युवाओं का धरना और भूख हड़ताल जारी थी, जो मंगलवार की शाम परिजनों के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गई.
