Hajipur News: केवीके हरिहरपुर परिसर में शुक्रवार को वैशाली और निफ्टेम रीजनल सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में पीएमएफएमई (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना) पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन जीविका की जिला कार्यक्रम प्रबंधक वंदना कुमारी और वरीय प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक कुमारी नम्रता ने किया.
कार्यक्रम की शुरुआत आत्मा के उप परियोजना निदेशक सियाराम साहू के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई.
केला प्रसंस्करण से रोजगार की अपार संभावनाएं
वरीय प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि वैशाली जिला केला उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और यहां केला प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. ऐसे में महिलाएं और युवा केला प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन आधारित सूक्ष्म उद्योग स्थापित कर स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं.
उन्होंने बताया कि पीएमएफएमई योजना के तहत पात्र उद्यमियों को एमएसएमई के माध्यम से 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ मिल सकता है.
महिलाओं को एफपीओ से जोड़ने पर जोर
मुख्य अतिथि वंदना कुमारी ने कहा कि जीविका से जुड़ी महिलाओं को भविष्य में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से विपणन से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मजबूत कर उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जाएगा. डॉ. कविता वर्मा ने खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन आधारित सूक्ष्म उद्यमों की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद तैयार कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं.
योजनाओं और वित्तीय सहायता की दी जानकारी
उद्योग विभाग के चुनचुन कुमार ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इच्छुक उद्यमियों को प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में विभाग की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा. साध्वी कुमारी ने पीएमएफएमई योजना के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए महिलाओं को कृषि आधारित उद्यमों के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया.
वहीं सुरभि कुमारी ने गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्माण, उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने, आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी.
किसानों और वैज्ञानिकों के बीच हुई खुली परिचर्चा
कार्यक्रम के दौरान किसानों, महिला उद्यमियों और वैज्ञानिकों के बीच खुली परिचर्चा आयोजित की गई. इसमें उद्यम स्थापना, वित्तीय सहायता, विपणन, ब्रांडिंग और तकनीकी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई. प्रतिभागियों से प्राप्त सुझावों और फीडबैक के आधार पर भविष्य में आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया.
कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान अवधेश कुमार सिंह ने केला प्रसंस्करण आधारित उद्यमों के अपने अनुभव साझा किए. वहीं महिला उद्यमियों में संगीता कुमारी, गीता कुमारी, अनु कुमारी, बबीता देवी, सुधा देवी, पायल जायसवाल, नीलम देवी सहित बड़ी संख्या में किसानों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यक्रम में कृषि आधारित सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संस्थाओं के समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया.
