hajipur news. शहीद जवान को अंतिम विदाई देने कोनहारा घाट पर पहुंचा लोगों का हुजूम

अरुणाचल प्रदेश में शहीद हुए सेना के जवान कुंदन कुमार का बुधवार को हाजीपुर के कोनहारा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया

हाजीपुर. अरुणाचल प्रदेश में शहीद हुए सेना के जवान कुंदन कुमार का बुधवार को हाजीपुर के कोनहारा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान डीएम, एसपी के साथ हाजीपुर विधायक, राजापाकार विधायक के साथ सैकडों की संख्या में लोग घाट पर पहुंचे थे. सैकडों की संख्या में जुटे लोग हाथों में तिरंगे लिए भारत माता की जय, शहीद कुंदन अमर रहे का नारा लगा रहे थे.

घाट पर शहीद जवान के पार्थिव शरीर को उनके तीन साल के बेटे ने जैसे ही सैल्यूट किया, सैकडोंं की संख्या जुटे लोगों की आंखें नम हो गयी. इसके बाद शहीद के पिता नंद किशोर, डीएम, एसपी, सेना के अधिकारी के साथ-साथ वहां उपस्थित हाजीपुर विधायक अवधेश सिंह, राजपाकर विधायक प्रतिमा कुमारी के अलावा अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी. इसके बाद शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया.

अमर शहीद सेना के जवान कुंदन कुमार के अंतिम यात्रा में उमरा जन सैलाब

शहीद जवान का पार्थिव शरीर सुबह 8 बजे फूलों से सजी गाड़ी से जैसे ही राजापकार के गौसपुर बरियारपुर स्थित उनके पैतृक घर पर पहुंचा कि जन सैलाब उमड पड़ा. पार्थिव शरीर सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश से दानापुर कैंट लाया गया, पैतृक गांव पहुंचा. दरवाजे पर शव आते ही कुंदन की पत्नी, मां, पिता, बहन सभी शव से लिपट कर चीत्कार मार कर रोने लगे.

मालूम हो की 18 अगस्त के सुबह 6:40 में ड्यूटी के दौरान नाइन ग्लेडिएटर में मेवाड़ में कार्यरत कुंदन कुमार की हार्ट अटैक से मौत हो गयी थी. साथ में तैनात जवान रिंकू सिंह ने बताया कि कुंदन किसी भी तरह का आदेश मिलते ही तुरंत कार्य करने को तैयार हो जाता था. वह अरुणाचल प्रदेश के मेवाड़ में पिछले 3 साल से कार्यरत था. शहीद कुंदन कुमार को वर्ष 2016 में सेना में नियुक्ति हुई थी. अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिक शरीर को एक घंटा रखा गया, जिसके बाद शहीद जवान को अंतिम संस्कार के लिए हाजीपुर कोनहारा घाट लाया गया.

25 अगस्त को छुट्टी में घर आने वाले थे कुंदन

पत्नी प्रियंका ने बताया कि काफी समय से वह घर नहीं आये थे. कुछ दिन पहले ही फोन से बातचीत के दौरान कुंदन ने पत्नी को बताया था कि 25 अगस्त को छुट्टी में घर आयेंगे. कुंदन चार भाइयों में सबसे बड़े थे. उनके पिता नंद किशोर ने बताया कि उनका बड़ा बेटा देश की सेवा करते हुए शहीद हो गया. उन्होंने कहा कि अगर मौका मिलेगा तो वह अपने और बेटों को सेना में भेजेंगे. शहीद जवान का बड़ा पुत्र तीन वर्ष और छोटा दस माह का है.

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Author: SHEKHAR SHUKLA

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