Hajipur Partition Holocaust Memorial Day : हाजीपुर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से आज श्रद्धांजलि कार्यक्रम, कैंडल मार्च और संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम के जरिए विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. साथ ही शांति, आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता का संदेश दिया जाएगा.
शाम 6 बजे समाहरणालय गेट से निकलेगा कैंडल मार्च
जिला प्रशासन के अनुसार कैंडल मार्च शाम 6 बजे समाहरणालय गेट से शुरू होगा. मार्च गांधी चौक होते हुए समाहरणालय परिसर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थल तक पहुंचेगा. कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मियों और जिलेवासियों की सहभागिता की अपील की गई है.
दो मिनट का मौन रखकर दी जाएगी श्रद्धांजलि
कैंडल मार्च के बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा जाएगा. इसके बाद श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी. कार्यक्रम का उद्देश्य विभाजन की त्रासदी में प्रभावित लोगों को स्मरण करना है.
संगोष्ठी में विभाजन के मानवीय प्रभावों पर होगी चर्चा
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. इसमें विभाजन की त्रासदी और उसके मानवीय प्रभावों पर चर्चा होगी. वक्ता उस दौर में लोगों के सामने आई परिस्थितियों और विस्थापन जैसी चुनौतियों को लेकर अपने विचार रखेंगे.
शांति और सामाजिक समरसता पर दिया जाएगा जोर
संगोष्ठी के दौरान शांति, आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर विचार-विमर्श किया जाएगा. प्रशासन की ओर से कार्यक्रम को समाज में सद्भाव और एकजुटता के संदेश से जोड़ने पर जोर दिया गया है.
कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने पूरी की तैयारी
कार्यक्रम के सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया है. प्रशासन की ओर से आयोजन के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
जिलेवासियों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सहभागी बनने की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम के माध्यम से विभाजन की त्रासदी में प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ शांति, एकता और भाईचारे के संदेश को मजबूत किया जा सकेगा.
