Hajipur News : पैक्स में निबंधित किसान ही दे सकते हैं धान

राजापाकर प्रखंड क्षेत्र की सभी पैक्स में एक नवंबर से धान की खरीद प्रक्रिया शुरू हो गयी है.

राजापाकर. प्रखंड क्षेत्र की सभी पैक्स में एक नवंबर से धान की खरीद प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इस संबंध में बीसीओ अनामिका कुमारी ने बताया कि धान की खरीद बखरी बराई, बैकुंठपुर, नारायणपुर, रामपुर रत्नाकर उर्स सरसई, जाफरपट्टी, बाकरपुर और भलूई पैक्स द्वारा की जा रही है. सरकार ने ग्रेड वन धान के लिए न्यूनतम मूल्य 2389 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड दो के लिए 2369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पिछले साल की तुलना में 69 रुपये अधिक है. पैक्स द्वारा केवल 17 प्रतिशत से कम नमी वाले धान खरीदे जायेंगे. किसानों को बताया गया कि वे पैक्स में अपना निबंधन करवा सकते हैं या साइबर कैफे पर जाकर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. आवेदन करने के बाद किसान अपने धान को पैक्स में बेच सकते हैं. अगर कोई किसान गैर रैयत है या दूसरे की जमीन पर खेती करता है, तो उसे संबंधित वार्ड सदस्य या किसान सलाहकार से सत्यापन कराना होगा. सरकार ने किसानों के लिए यह व्यवस्था की है कि उन्हें 48 घंटे के अंदर धान के पैसे का भुगतान किया जायेगा. बीसीओ ने कहा कि यदि कोई पैक्स धान खरीदने में आनाकानी करती है, तो संबंधित किसान बीसीओ अनामिका कुमारी या जिला सहकारिता पदाधिकारी को आवेदन दे सकते हैं, जिसके बाद जांच कर कार्रवाई की जायेगी.

पैक्स में धान खरीद सुस्त पड़ने से किसान बिचौलियों को बेचने को मजबूर

सहदेई बुजुर्ग. प्रखंड क्षेत्र में सरकारी दर पर धान खरीद का कार्य सुस्त पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय किसान बिचौलियों को औने-पौने दामों पर धान बेचने पर मजबूर हो रहे हैं. किसानों का कहना है कि इस साल धान की अच्छी फसल हुई है, लेकिन अब तक धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी है. पदाधिकारियों के अनुसार, सहकारिता विभाग को अभी तक धान की खरीदारी का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है, हालांकि चयनित पैक्स में धान खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इस साल सरकारी दर पर धान की खरीद 2369 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जायेगी, जबकि उच्च गुणवत्ता वाले धान की कीमत 2389 रुपये निर्धारित की गयी है. प्रखंड में इस साल लगभग 150 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर धान की रोपाई की गयी थी. हालांकि, हाल ही में बंगाल की खाड़ी में उठे मोंथा चक्रवात के कारण हुई बारिश से धान की फसल को कुछ नुकसान हुआ है. बड़ी संख्या में धान के खड़े फसल खेतों में गिर गए हैं और खेतों में नमी होने के कारण कटाई में भी विलंब हो रहा है. पिछले साल 3.052 मीट्रिक टन धान की खरीद की गयी थी, जिसमें अधिकांश धान के चावल तैयार कर सरकारी गोदाम तक भेजे गये थे. इस साल भी रिकॉर्ड स्तर पर धान की खरीदारी होने की संभावना है. प्रखंड क्षेत्र के पैक्स और व्यापार मंडल के अध्यक्ष इस बार खरीद कार्य के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

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