hajipur news. बढ़ रहे कोरोना के मामले, लेकिन मुख्यालय से अलर्ट मिलने पर ही जिले में की जायेगी तैयारी

पूरे देश के साथ सूबे में भी तेजी से बढ़ रहे कोविड के मामले से लोग डरे हुए हैं, जिले से सटे सूबे की राजधानी पटना में भी कोविड के पांच नये मामले सामने आये हैं, लेकिन इसको लेकर जिले के स्वास्थ्य महकमे की ओर से अभी तक कोई तैयारी नहीं दिख रही है

हाजीपुर. पूरे देश के साथ सूबे में भी तेजी से बढ़ रहे कोविड के मामले से लोग डरे हुए हैं. जिले से सटे सूबे की राजधानी पटना में भी कोविड के पांच नये मामले सामने आये हैं. लेकिन, इसको लेकर जिले के स्वास्थ्य महकमे की ओर से अभी तक कोई तैयारी नहीं दिख रही है. अस्पतालों में मरीज और उनके परिजन बिना मास्क के आ रहे हैं, लेकिन उन्हें टाेका नहीं जा रहा़ सबसे बड़ी बात की स्वयं स्वास्थ्यकर्मी व डॉक्टर भी बिना मास्क के ही दिख रहे हैं.

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक जून तक देश में कोरोना के 3961 एक्टिव केस दर्ज किये गये हैं. इसके साथ ही कोरोना से चार लोगों की मौत भी हो चुकी हैं.

पटना में कोविड के मरीज मिलने पर लोगों को आशा थी कि जिले में कोविड को लेकर एक बार फिर से जागरूकता फैलायी जायेगी़ लोगों से मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की जायेगी, लेकिन अभी तक ऐसा होता नहीं दिख रहा़

महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली से बड़ी संख्या में लोगों का होता है आवागमन

दिल्ली, महाराष्ट्र व गुजरात में कोविड के मामले तेजी से सामने आए हैं. इन राज्यों से बिहार आने जाने वालों लोगों की संख्या ज्यादा होती है. ऐसे में यहां से आने वाले लोगों की स्वास्थ्य जांच करने की आवश्यकता है, लेकिन ये व्यवस्था अभी जिले में नहीं दिख रही. रेलवे स्टेशन पर भी कोविड को लेकर किसी तरह की व्यवस्था नहीं की गयी है और न ही जागरूकता फैलायी जा रही है़

परेशानी होने पर करें डाॅक्टर से संंपर्क

कोविड को लेकर तैयारियों की जानकारी लेने लेने के लिए जब सिविल सर्जन डॉ श्यामनंदन प्रसाद से संपर्क किया गया तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कही. हालांकि कुछ दिन पहले जब उनसे इस संबंध में पूछा गया था, तो उन्होंने तैयारी के संबंध में मुख्यालय से किसी अलर्ट मिलने से इंकार करते हुए कहा था कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.

शहर की प्रसिद्ध चिकित्सक डा प्रगति प्रभात ने कोविड के बढ़ रहे मामलों को लेकर कहा कि इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है. बस सतर्क रहना है. भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचने के साथ ही खांसने वाले लोगों के नजदीक नहीं जाएं. जिसे खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी हो रही हो, वो स्वयं से इलाज करने के स्थान पर डाक्टर के संपर्क में आएं. डाक्टर के बताए अनुसार ही इलाज करने की आवश्यकता है. पूर्व के अनुभवों के अनुसार ही इन्फेक्शन और बुखार आदि से बचना है.

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