Vaishali News: हाजीपुर स्थित पुष्करणी सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में 'मेजर ध्यानचंद खेल सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन किया गया. इस राज्य स्तरीय आयोजन में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व कर विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बालक एवं बालिका खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया. इसके साथ ही विभिन्न खेल विधाओं में खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशने वाले समर्पित खेल प्रशिक्षकों (कोच) को भी विशेष सम्मान दिया गया.
मेजर ध्यानचंद के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
समारोह के दौरान हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यानचंद के ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया. वक्ताओं ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन खेल के प्रति अटूट समर्पण, कठोर अनुशासन और निरंतर परिश्रम की मिसाल है. खिलाड़ियों को उनके जीवन आदर्शों को आत्मसात कर अपने खेल कौशल को और अधिक निखारने का संकल्प लेना चाहिए. इस अवसर पर आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के बालक एवं बालिका वर्ग के विजेता और उपविजेता टीमों को चमचमाती ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया गया.
खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रशासन तत्पर: डीएम
जिला पदाधिकारी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वैशाली के खिलाड़ी अपनी कड़ी मेहनत और लगन से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जिले और राज्य का परचम लहरा रहे हैं. जिला प्रशासन खेल मैदानों, उन्नत खेल उपकरणों और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर काम कर रहा है. खेल केवल मेडल जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और शारीरिक व मानसिक सुदृढ़ता का आधार है.
बालिकाओं को आत्मरक्षा और कराटे प्रशिक्षण पर विशेष बल
डीएम ने विशेष रूप से बालिकाओं से कराटे, ताइक्वांडो और अन्य आत्मरक्षा विधाओं से जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेटियों को किसी भी विपरीत परिस्थिति में अपनी सुरक्षा स्वयं करने में सक्षम बनाता है. इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में उनका सशक्तिकरण होता है. समारोह में जिला प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी, विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि और भारी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे.
