हाजीपुर : 50-60 टन कचरा रोज निकलता है, डंपिंग जोन नहीं होने से रिहायशी इलाके में लग रहा ढेर

हाजीपुर नगर परिषद का कचरा प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का प्लान 10 साल बाद भी फेल है। शहर का कचरा रिहायशी इलाकों में डंप होने से लोग बीमारी के खतरे से परेशान हैं।

Hajipur Garbage Dumping : हाजीपुर से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए नगर परिषद के पास अब तक कोई कारगर व्यवस्था नहीं है. डंपिंग जोन के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर नगर परिषद कई वर्षों से जिला प्रशासन से पत्राचार करता रहा है, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण समस्या बनी हुई है. वर्तमान में शहर से निकलने वाले कचरे को हाजीपुर-महुआ मार्ग स्थित रिहायशी क्षेत्र हरिहरपुर गांव में डंप किया जा रहा है. इससे आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध और गंदगी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

दो साल पहले शुरू हुआ था कचरा प्रोसेसिंग यूनिट

नगर परिषद प्रशासन ने करीब दो साल पहले बागमुसा मोहल्ले में बंद पड़े कचरा प्रोसेसिंग यूनिट को चालू कराया था. यहां कचरे की छंटाई और प्रोसेसिंग के साथ गीले कचरे से खाद बनाने का काम भी शुरू किया गया था. हालांकि, विभागीय उदासीनता के कारण यह व्यवस्था अधिक दिनों तक नहीं चल सकी और यूनिट फिर बंद हो गया.

नगर परिषद प्रशासन का दावा है कि नए कचरा प्रोसेसिंग यूनिट के निर्माण के लिए जमीन खरीदने का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है. विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. नगर परिषद के अनुसार जल्द ही कचरा प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है.

हर दिन निकलता है 50 से 60 टन कचरा

नगर परिषद के अनुसार शहर से प्रतिदिन करीब 50 से 60 टन गीला और सूखा कचरा निकलता है. डंपिंग जोन की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण कभी एनएच-22 के किनारे दिग्घी के पास तो कभी बिजली ऑफिस के समीप लो-लैंड इलाके को भरने के लिए कचरा डंप किया जाता है.

बरसात में बढ़ जाती है दुर्गंध से परेशानी

सड़क किनारे और रिहायशी इलाकों के पास कचरा डंप किए जाने से बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है. कचरे से निकलने वाली दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों में बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है. वहीं, राहगीरों को भी दुर्गंध के कारण नाक बंद कर गुजरना पड़ता है. बाइक चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है.

सड़क किनारे कचरा डंप करने की होगी जांच

नगर परिषद हाजीपुर के ईओ सुशील कुमार दास ने कहा कि सड़क किनारे कचरा डंप किए जाने की जानकारी नहीं है. सफाई कर्मियों से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है. सड़क किनारे कचरा फेंकने से मना किया गया है. इसके बावजूद कचरा डंप किया जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि कचरा प्रोसेसिंग यूनिट के निर्माण के लिए जमीन खरीदने का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है. स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.


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By गोपाल कुमार राय

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