Hajipur Flood preparedness : संभावित बाढ़ और उसके बाद फैलने वाली बीमारियों से निपटने के लिए वैशाली स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है. गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए जिले के सभी 16 प्रखंडों में चिकित्सा व्यवस्था की व्यापक तैयारी की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए 62 मेडिकल कैंपों की कार्ययोजना तैयार की है. इनमें 47 अस्थायी और 15 चलंत चिकित्सा शिविर शामिल हैं.
सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन प्रसाद ने बताया कि बाढ़, सुखाड़ और आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. खासकर गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव और गंभीर मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की बाधा नहीं आए, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है.
चेहराकला में सबसे अधिक 13 मेडिकल कैंप
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चेहराकला प्रखंड में सबसे अधिक 13 अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे. इसके अलावा राघोपुर में आठ, महुआ में पांच, बिदुपुर में चार, महनार और पटेढ़ी बेलसर में तीन-तीन, गोरौल, भगवानपुर और सदर प्रखंड में दो-दो तथा लालगंज, वैशाली, जंदाहा, पातेपुर और राजापाकर में एक-एक अस्थायी चिकित्सा शिविर की तैयारी की गई है.
15 चलंत मेडिकल कैंप भी रहेंगे सक्रिय
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए 15 चलंत चिकित्सा शिविर भी तैयार किए गए हैं. इनमें राघोपुर, सहदेई बुजुर्ग, देसरी, बिदुपुर, महनार और भगवानपुर में दो-दो, जबकि लालगंज में एक तथा सदर प्रखंड में दो चलंत मेडिकल कैंप संचालित किए जाएंगे. सहदेई बुजुर्ग और देसरी में केवल चलंत चिकित्सा शिविर की व्यवस्था रहेगी.
स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं का पर्याप्त भंडारण
स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा दी हैं ताकि बाढ़ के दौरान किसी प्रकार की कमी न हो. बाढ़ के बाद डायरिया, उल्टी, बुखार, पीलिया, त्वचा रोग, सर्पदंश और कुत्ता काटने जैसी समस्याओं के इलाज के लिए पर्याप्त दवाओं का इंतजाम किया गया है.
इन दवाओं की रहेगी उपलब्धता
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि सभी चिकित्सा शिविरों में एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज वैक्सीन, ओआरएस, जिंक सल्फेट, पेरासिटामोल, मेट्रोनिडाजोल, नॉर्मल स्लाइन, आरएल, डीएनएस, डेक्सट्रोज, एल्बेंडाजोल, सेफॉक्सिन, सिप्रोफ्लोक्सासिन, डोमपेरिडोन, माइकोनाजोल, ओफ्लोक्सासिन, बच्चों के लिए एंटीबायोटिक, डेक्सामेथासोन, स्लाइन सेट, चर्म रोग की दवाएं तथा अन्य आवश्यक इंजेक्शन उपलब्ध रहेंगे. इसके अलावा जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए ब्लीचिंग पाउडर और हैलोजन टैबलेट की भी व्यवस्था की गई है.
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