महनार. अपनी विरासत को सहेजे महनार महोत्सव एक बार फिर अपनी छटा बिखेरने को तैयार है. इस वर्ष आठ एवं नौ मार्च को महनार नगर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महनार बालक के मैदान में महनार महोत्सव आयोजित किया जाएगा. महोत्सव के आयोजन को भव्य रूप देने को लेकर सभी प्रकार की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं. बताया गया कि महनार महोत्सव का उद्घाटन 8 मार्च को होगा. इसके बाद महनार गीत और स्वागत गान की प्रस्तुति होगी. संध्या में लोकनृत्य और भक्ति वंदना प्रस्तुत की जाएगी. महोत्सव के दूसरे दिन, रविवार को स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी. उसके बाद रात्रि में भी कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे. इसके अलावा महोत्सव में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए जाएंगे. महनार एसडीओ नीरज कुमार ने बताया कि महनार महोत्सव के आयोजन को लेकर सभी प्रकार की तैयारियां चल रही हैं. महनार अनुमंडल क्षेत्र के विधायकों सहित अन्य गणमान्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण भेजा जा रहा है.
वर्ष 2007 में शुरू हुआ था महोत्सव
महनार महोत्सव की शुरुआत 2007 में तत्कालीन एसडीओ मोहन प्रसाद के नेतृत्व में हुई थी. स्व प्रफुल्ल कुमार सिंह मौन, उपाध्यक्ष बैद्यनाथ पंडित प्रभाकर, सचिव अश्विनी कुमार आलोक और कोषाध्यक्ष कृत्यानंद सिंह सहित साहित्यकारों व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इसका आयोजन हुआ था. कृषि प्रदर्शनी के मंच का उपयोग महनार महोत्सव के रूप में किया गया था. उद्घाटन तत्कालीन डीएम ललन सिंह ने किया था. इस अवसर पर स्मारिका प्रकाशित कर महनार की विरासत से लोगों को अवगत कराया गया. स्मारिका में महनार अनुमंडल के तीनों प्रखंडों के ऐतिहासिक, भौगोलिक तथा सांस्कृतिक परिदृश्यों एवं राजनीतिक स्वरूप को सामने लाने का प्रयास किया गया था. महनार में पहली बार एक बड़े मंच पर बिना किसी सरकारी सहायता के भव्य कार्यक्रम हुआ था. उसके बाद महनार में मोहन बाबू जैसे पदाधिकारी का अभाव रहने के कारण महोत्सव छोटे स्तर पर आयोजित होता रहा. हालांकि, 2016 में डीसीएलआर ललित कुमार सिंह के महनार आने के बाद इसे फिर शुरू किया गया. उन्होंने महनार महोत्सव आयोजन समिति के सदस्यों से बात की और लोगों के सहयोग से महनार महोत्सव का आयोजन किया गया.इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तत्कालीन राजापाकर विधायक शिवचंद्र राम उपस्थित थे. महोत्सव की भव्यता से प्रभावित होकर उन्होंने इसे सरकारी दर्जा देने की घोषणा की और 2017 में इसे राजकीय कैलेंडर में शामिल किया. 2017 में पहली बार सरकारी व्यय पर दो दिवसीय महोत्सव हुआ, जिसका संयोजन एसडीओ रवींद्र कुमार ने किया था. 2018 में डीसीएलआर ललित कुमार सिंह एवं 2019 में डीसीएलआर रामबाबू बैठा के संयोजन में महनार महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ. कोरोना महामारी के कारण 2020, 2021 एवं 2022 में महोत्सव नहीं हो सका. पिछले दो वर्षों से एसडीओ नीरज कुमार के संयोजन में महोत्सव आयोजित किया जा रहा है.
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