Vaishali News: जिले के महनार अनुमंडल क्षेत्र में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की गंभीर विभीषिका को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन ने बड़ा एहतियाती कदम उठाया है. जिला प्रशासन के निर्देशानुसार महनार अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अंकित कुमार के आदेश पर शनिवार दोपहर बाद से क्षेत्र में आयोजित प्रसिद्ध राजकीय गणिनाथ मेले को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है.
पलवैया धाम और महनार बाजार के मेले खाली कराए गए
प्रशासनिक अमले ने शनिवार दोपहर बाद पुलिस बल के साथ संयुक्त रूप से क्षेत्र के प्रमुख मेला स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर आयोजनों को बंद कराया:
- हसनपुर गणिनाथ धाम: पलवैया स्थित राजकीय गणिनाथ धाम मेला परिसर को खाली कराया गया.
- अन्य स्थल: पुरानी मंदिर पलवैया और महनार बाजार स्थित गणिनाथ मंदिर परिसर में चल रही मेला गतिविधियों को भी बंद करा दिया गया.
- श्रद्धालुओं की वापसी: मेला स्थलों पर पहुंचे दूर-दराज के श्रद्धालुओं से लाउडस्पीकर के जरिए तत्काल अपने-अपने घरों को लौटने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई.
जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचने की हिदायत
गंगा के उफान के चलते तटीय और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है. ऐसे में हजारों की संख्या में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ पर किसी अप्रिय घटना या जलस्तर में अचानक वृद्धि का बड़ा जोखिम बना हुआ था. एसडीओ अंकित कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन के लिए श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और संवेदनशील जलमग्न इलाकों की ओर अनावश्यक रूप से जाने से बचें.
प्रशासनिक टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर
महनार अनुमंडल प्रशासन और पुलिस की टीमें तटीय बांधों, गंगा के जलस्तर और निचले रिहायशी इलाकों की 24 घंटे लगातार निगरानी कर रही हैं. गणिनाथ धाम जैसे विशाल और ऐतिहासिक धार्मिक मेले को बीच में ही स्थगित कराया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि क्षेत्र में बाढ़ का खतरा अत्यधिक संवेदनशील स्तर पर पहुंच चुका है.
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