Hajipur Diesel Subsidy : हाजीपुर में कम बारिश के कारण खरीफ फसलों की सिंचाई को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ गई है. खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने से किसानों को डीजल पंप के जरिए सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है. ऐसे में सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए डीजल अनुदान की व्यवस्था की है. योजना के तहत पात्र किसानों को फसल और सिंचाई की संख्या के आधार पर 2250 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता मिल सकती है.
कम बारिश ने बढ़ाई सिंचाई की चिंता
बारिश कम होने से कई इलाकों में खरीफ फसलों के खेतों में नमी की कमी देखी जा रही है. धान, मक्का और अन्य फसलों को बचाने के लिए किसानों को निजी स्तर पर सिंचाई की व्यवस्था करनी पड़ रही है. डीजल पंप से सिंचाई करने पर किसानों की लागत बढ़ रही है, ऐसे में डीजल अनुदान को उनके लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है.
एक सिंचाई पर मिलेगा 750 रुपये तक अनुदान
योजना के तहत किसानों को 75 रुपये प्रति लीटर की दर से अधिकतम 750 रुपये प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान दिया जाएगा. इससे किसान डीजल पंप के जरिए फसल की सिंचाई पर होने वाले खर्च का कुछ हिस्सा वापस पा सकेंगे.
धान के बिचड़े और जूट के लिए 1500 रुपये तक
धान के बिचड़े और जूट की फसल के लिए अधिकतम दो सिंचाई पर अनुदान का लाभ मिलेगा. इन फसलों के लिए किसानों को अधिकतम 1500 रुपये प्रति एकड़ तक डीजल अनुदान मिल सकता है.
धान-मक्का समेत इन फसलों पर 2250 रुपये तक लाभ
धान, मक्का समेत अन्य खरीफ फसलों के अलावा दलहनी और तेलहनी फसलों, मौसमी सब्जियों तथा औषधीय एवं सुगंधित पौधों के लिए अधिकतम तीन सिंचाई पर अनुदान दिया जाएगा. इस श्रेणी में किसानों को अधिकतम 2250 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता मिल सकती है.
अधिकतम आठ एकड़ तक मिलेगा लाभ
योजना में परिवार के किसी एक सदस्य को अधिकतम आठ एकड़ क्षेत्र की सिंचाई के लिए ही अनुदान का लाभ मिलेगा. यानी पात्रता और निर्धारित नियमों के अनुसार एक परिवार से एक सदस्य अधिकतम आठ एकड़ क्षेत्र के लिए सहायता प्राप्त कर सकेगा.
ऑनलाइन आवेदन करना होगा
डीजल अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. किसान कृषि विभाग की वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in या बिहार कृषि ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. किसान एक समय में एक ही पटवन के लिए आवेदन कर सकेंगे.
बिहार के निबंधित पेट्रोल पंप से खरीदा डीजल ही मान्य
अनुदान के लिए डीजल खरीद से जुड़ी शर्तों का पालन करना जरूरी है. केवल बिहार में निबंधित पेट्रोल पंप से सिंचाई के लिए खरीदे गए डीजल पर ही दावा मान्य होगा. इसके अलावा निर्धारित तिथि के बाद खरीदे गए डीजल पर ही योजना का लाभ दिया जाएगा.
पंचायत स्तर पर किसानों को दी जा रही जानकारी
कृषि विभाग ने योजना की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों और कर्मियों को पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इसका उद्देश्य यह है कि जानकारी के अभाव में कोई पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित न रह जाए.
आवेदन में परेशानी हो तो इन अधिकारियों से करें संपर्क
योजना से जुड़ी जानकारी या ऑनलाइन आवेदन में किसी तरह की परेशानी होने पर किसान अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी सहायक प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक और किसान सलाहकार से भी सहायता ली जा सकती है.
कम बारिश के बीच किसानों को राहत की उम्मीद
कम बारिश के कारण बढ़ी सिंचाई लागत के बीच डीजल अनुदान किसानों के लिए राहत का माध्यम बन सकता है. जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे योजना की पात्रता और शर्तों को समझकर निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए मिलने वाली सरकारी सहायता का लाभ लिया जा सके.
