Hajipur News: वैशाली जिले के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड की करनेजी पंचायत स्थित राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय इन दिनों गंभीर बुनियादी संकट से जूझ रहा है. अपनी जमीन और भवन के अभाव में यह स्कूल मध्य विद्यालय करनेजी उर्दू की पहली मंजिल पर चलने को मजबूर है. ग्राउंड फ्लोर पर मिडिल स्कूल के बच्चे पढ़ते हैं, जबकि ऊपर हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की कक्षाएं लगाई जा रही हैं.
एक ही छत के नीचे दो स्कूल लाचार
स्कूल में मैट्रिक और इंटर मिलाकर कुल 312 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें 150 विद्यार्थी केवल प्लस-टू में अध्ययनरत हैं. इतनी बड़ी छात्र संख्या के बावजूद प्लस-टू स्तर पर मात्र दो शिक्षक तैनात हैं और वे दोनों भी केवल कला संकाय के हैं. साइंस फैकल्टी का एक भी शिक्षक न होने से छात्र स्कूल में विज्ञान की पढ़ाई से वंचित हैं और उन्हें निजी कोचिंग का सहारा लेना पड़ रहा है.
सैकड़ों छात्र-छात्राओं के बीच सिर्फ एक चापाकल
परिसर में पेयजल और स्वच्छता की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है. दोनों विद्यालयों के शिक्षक और सैकड़ों छात्र-छात्राएं पानी की जरूरत के लिए महज एक चापाकल पर निर्भर हैं. पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ लैब और लाइब्रेरी जैसी जरूरी सुविधाएं भी बच्चों को नहीं मिल पा रही हैं.
प्रमुख विषयों के पद खाली जमीन का इंतजार
प्रधानाध्यापक रामबाबू राम और शिक्षक भोगेश भास्कर के अनुसार माध्यमिक स्तर पर अंग्रेजी, संस्कृत और विज्ञान जैसे अहम विषयों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं. शिक्षकों की कमी और जमीन की अनुपलब्धता के कारण पठन-पाठन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे छात्रों का भविष्य अधर में लटका है.
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