Hajipur News: सावन माह शुरू होते ही भगवान भोलेनाथ की भक्ति का रंग पूरे क्षेत्र में छा गया है. बोल बम, हर-हर महादेव और बाबा एक सहारा है जैसे जयघोषों से कांवरिया मार्ग गूंजने लगे हैं. सावन की पहली सोमवारी तीन अगस्त को पड़ रही है. इस अवसर पर जलाभिषेक करने के लिए शुक्रवार को हजारों शिवभक्त सारण जिले के पहलेजा घाट से पवित्र गंगाजल लेकर मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ धाम के लिए रवाना हुए.
पहलेजा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
शुक्रवार दोपहर से ही पहलेजा घाट पर कांवरियों का पहुंचना शुरू हो गया था. दोपहर 2:45 बजे पहला जत्था गंगाजल लेकर बाबा गरीबनाथ धाम के लिए रवाना हुआ. इसके बाद देर शाम तक श्रद्धालुओं के जत्थे लगातार जल लेकर निकलते रहे. पुरोहितों ने विधिवत पूजन और संकल्प कराकर श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए रवाना किया. अनुमान के अनुसार करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने जलभरी की.
हाजीपुर से गुजरते रहे कांवरियों के जत्थे
शाम होते ही गंडक पुल रोड से शहर की ओर कांवर यात्रियों का कारवां बढ़ने लगा. जौहरी बाजार, त्रिमूर्ति चौक, गांधी चौक, डाकबंगला रोड और रामाशीष चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर देर रात तक कांवरियों की आवाजाही जारी रही. शिवभक्त बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ उत्साहपूर्वक बाबा गरीबनाथ धाम की ओर बढ़ते रहे.
सेवा के लिए लगाए गए कई शिविर
पहलेजा घाट से मुजफ्फरपुर तक विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से कांवरियों की सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं. इन शिविरों में पेयजल, शरबत, चाय, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है. कई स्थानों पर कांवरियों के लिए सड़क सफाई और रोशनी की भी व्यवस्था की गई है.
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
कांवर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है. अंजानपीर चौक से दिग्घी पुलिस लाइन और जिले की सीमा तक विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है. नए और पुराने गंडक पुल पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. कांवरियों की सुविधा के लिए एनएच-22 पर भारी वाहनों का परिचालन बंद कर वैकल्पिक रूट निर्धारित किया गया है.
स्वास्थ्य और पेयजल की व्यवस्था
जिलाधिकारी के निर्देश पर पीएचईडी द्वारा मार्ग में कई स्थानों पर पेयजल और अस्थायी शौचालय की व्यवस्था की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने भी चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था की है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सके.
