राशन कार्ड से नाम कटने पर भड़के उपभोक्ता, प्रक्रिया पर पारदर्शिता की मांग

Hajipur News : जिले में राशन स्क्रूटनी पर सवाल, अपात्रता के मानकों को लेकर विवाद, विभाग ने दी सफाई

हाजीपुर से राहुल कुमार राय की रिपोर्ट
Hajipur News : जिले में सभी प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों में राशन कार्ड से बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने को लेकर खाद्य उपभोक्ताओं में काफी आक्रोश व्याप्त है. विभाग के निर्देशानुसार जिन कार्डधारियों का वार्षिक आय एक लाख बीस हजार रुपये से अधिक है या जिनके नाम पर चार पहिया वाहन हैं, उनका नाम राशन कार्ड से हटाया जाना है. परंतु, इस स्क्रूटनी की आड़ में उन गरीब मजदूरों के नाम भी काट दिए गए हैं, जिनका पूरा परिवार जन वितरण प्रणाली से मिलने वाले अनाज पर ही निर्भर है. विभाग की इस गंभीर लापरवाही से मजदूर वर्ग में गहरा रोष है. कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि सरकार जानबुझ कर इस तरह परेशान कर रही है. सरकार की मंशा है कि गरीबों को राशन से वंचित करना. कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि अगर विभाग राशन कार्ड से नाम हटाएगी तो अवैध वसूली किस तरह होगी. नया राशन कार्ड बनाने के लिए दो हजार रुपये देने होंगे और फिर से राशन कार्ड बन जाएगा. अगर इस तरह का काम नहीं होगा तो विभाग गरीबों को कैसे चूसेगा. अधिकांश राशनकार्डधारियों ने बताया कि विभाग ने

गरीबों को राशन से वंचित करने का आरोप, विभाग ने दी सफाई

उपभोक्ताओं ने बताया कि विभाग राशन से नाम काटने से पहले पूरी तरह जांच कर लेता, उसके बाद अपात्र लाभुकों का नाम काटा जाता लेकिन विभाग ने बिना सही से जांच पड़ताल किए गरीब उपभोक्ताओं का ही नाम काट दिया. जिससे लोगों का निवाला छीन लिया. सही से जांच नहीं की गई और गरीब-गुरबे का ही नाम काट दिया, जिससे लोगों में आक्रोश बना हुआ है. विभाग की ओर से बताया गया कि वैसे उपभोक्ता जिसके पास 2.5 एकड़ जमीन हो और वे किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे है वे अपात्र की श्रेणी में आते है. जिस परिवार में आयकरदाता हो, चारपहिया वाहन सहित परिवार में एक लाख बीस हजार रुपये से अधिक आय हो वे अपात्र की श्रेणी में आते हैं.

Also Read : हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा में संगठन विस्तार, वैशाली जिला अध्यक्ष की घोषणा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: YUVRAJ RATAN

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >