Hajipur News (सुशील कुमार सिंह) : लालगंज कारतहा थाना परिसर में प्रेमी ने प्रेमिका के शादी रचाने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया हैं. जानकार थाना परिसर में हुए शादी को कानून का उल्लंघन बता रहे हैं.लोगों ने कहा कि थानाध्यक्ष मैरिज रजिस्ट्रार की भूमिका में थे और प्रेमी के दोस्त गवाह.शादी या तो सामाजिक स्तर पर दोनों परिवार की आपसी सहमति से या फिर होता हैं,या फिर कोर्ट मैरेज.थाना में शादी कब से शुरू हो गया. दरअसल मंगलवार को मुजफ्फरपुर जिला के बहिलबारा गांव की युवती कारतहा थाना पर पहुंची और थानाध्यक्ष को थाना क्षेत्र के कंचनपुर धनुषी निवासी चंदेश्वर साह के पुत्र छोटू कुमार से चल रहे प्रेम कहानी बताई.
थाने में प्रेमी ने प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरा
फिर युवती के प्रेमी छोटू कुमार को थाना पर बुलाया गया.थानाध्यक्ष ने प्रेमी प्रेमिका के परिजन से बात किया और दोनों ओर से सहमति मिलते ही शादी करा दिए.देखते ही देखते थाना परिषर प्रेमी छोटू कुमार के जानने वालो से भर गया.हलाकि प्रेमिका की परिजन नही आये। थाना परिसर में ही पुलिस और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में प्रेमी ने प्रेमिका के मांग में सिंदूर डाल कर अपनी पत्नी बना लिया. वही इस पूरे मामले पर अधिवक्ता संतोष कुमार ने बताया कि भारतीय कानून के तहत पुलिस एक्ट, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बन चुकी हैं या भारतीय न्याय संहिता में पुलिस को थाने के अंदर प्रेमी-प्रेमिका की शादी करवाने का कोई अधिकार नहीं है.
मैरिज ब्यूरो बनाने पर कानूनी बहस तेज
थानाध्यक्ष या किसी भी पुलिस अधिकारी का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना और अपराधों की जांच करना है, शादियां करवाना नहीं.पुलिस का काम बालिग प्रेमी-प्रेमिका को सुरक्षा देना है यदि उनकी जान को खतरा हो. लेकिन कानून हाथ में लेकर थाने को मैरिज ब्यूरो बनाना पूरी तरह अवैध है. यदि कोई थानाध्यक्ष थाने में प्रेमी-प्रेमिका की शादी करवाता है, तो उनके खिलाफ कानून और सेवा नियमों के उल्लंघन के तहत कार्रवाई हो सकती है.
Also Read : गोरौल में हज़रत गुलाम रसूल शाह वारसी का 42वां सालाना उर्स 2 जून को
