Hajipur News: (गोपाल कुमार) वैशाली जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु और पारदर्शी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है. वर्षा सिंह के निर्देश पर गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जा रही है. इसी क्रम में एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले तीन एजेंसी संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है.
जिले में 67 गैस एजेंसियां कर रही हैं कार्य
जिला आपूर्ति कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की कुल 67 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं. इनमें 37 इंडेन, 16 भारत गैस और 14 एचपी गैस एजेंसियां शामिल हैं. जिले में घरेलू उपभोक्ताओं की कुल संख्या 8,06,738 है.
इनमें इंडियन ऑयल के 4,46,727, भारत पेट्रोलियम के 1,82,685 तथा एचपीसीएल के 1,77,326 उपभोक्ता शामिल हैं. वहीं 25 मई तक जिले की गैस एजेंसियों के पास कुल 8,145 सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध था.
10 हजार से अधिक सिलेंडरों की हुई डिलीवरी
पूर्व दिवस की कुल 12,420 बुकिंग के विरुद्ध 10,754 सिलेंडरों की डिलीवरी की गई, जबकि औसत दैनिक डिलीवरी 12,549 दर्ज की गई है. प्रशासन ने एजेंसी संचालकों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समयबद्ध तरीके से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगातार कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहरी क्षेत्र में अंतिम गैस सिलेंडर डिलीवरी के 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिनों के बाद स्वतः रिफिल बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है. एलपीजी से संबंधित जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है.
सभी गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. अनुमंडल और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को नियमित जांच का निर्देश दिया गया है. अब तक ऐसे मामलों में तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं.
शिकायतों के त्वरित समाधान का दावा
उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखा गया है. गैस आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के लिए उपभोक्ता 06224-260233 और 06224-260234 पर संपर्क कर सकते हैं.
25 मई तक प्राप्त 1,092 शिकायतों में से 1,086 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है. प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे अपने कार्यालय के बाहर सूचना पट्ट लगाकर गैस वितरण तिथि और स्टॉक की अद्यतन जानकारी सार्वजनिक करें, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
